Chhattisgarh

हड़ताल की चेतावनी के बीच CSPDCL ने खोले बातचीत के रास्ते, 2 नवंबर को वाहन संघ से होगी चर्चा

ओपन टेंडर के विरोध में वाहन मालिक संघ ने 3 नवंबर से विद्युत मेंटेनेंस एवं टीएमसी/एफओसी सेवाएं बंद रखने और 7 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है। कंपनी प्रबंधन ने संघ के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल को 2 नवंबर को रायपुर स्थित मुख्यालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है।

🔴  रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली मेंटेनेंस सेवाओं को लेकर कंपनी प्रबंधन और वाहन मालिक संघ के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है। ओपन टेंडर प्रक्रिया के विरोध में छत्तीसगढ़ पावर कंपनी वाहन मालिक कल्याण संघ ने आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ ने 3 नवंबर से विद्युत मेंटेनेंस एवं टीएमसी/एफओसी सेवाएं बंद रखने और 7 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की बात कही है। इस बीच छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पहल की है।

कंपनी प्रबंधन ने संघ के अधिकृत प्रतिनिधिमंडल को 2 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे रायपुर स्थित कंपनी मुख्यालय में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। कंपनी का कहना है कि संघ की ओर से उठाई गई मांगों और समस्याओं पर सकारात्मक माहौल में विचार-विमर्श किया जाएगा।

ओपन टेंडर से सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने का दावा

CSPDCL के अनुसार, प्रदेश में विद्युत मेंटेनेंस, बिजली व्यवधानों के निराकरण और अन्य संबंधित सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से नई ओपन टेंडर प्रक्रिया के तहत निविदाएं आमंत्रित की गई हैं। कंपनी का कहना है कि इस प्रक्रिया से कार्यों का बेहतर प्रबंधन, सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार और बिजली संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

वाहनों के साथ कार्यरत कर्मचारियों के हितों पर भी कंपनी का भरोसा

कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि नई निविदा के तहत नियुक्त होने वाली एजेंसी को वर्तमान में कार्यरत एजेंसी के वाहनों के साथ-साथ टीएमसी/एफओसी और अन्य तकनीकी कार्यों में लगे कर्मचारियों को भी निविदा की शर्तों एवं निर्धारित मापदंडों के अनुरूप अपने कार्य में बनाए रखने या शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, तकनीकी कर्मचारियों की कार्यकुशलता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण का प्रावधान भी निविदा में किया गया है। प्रबंधन ने कहा है कि उसका उद्देश्य स्थानीय वाहन मालिकों, छोटे ठेकेदारों और कार्यरत कर्मचारियों के हितों की अनदेखी करना नहीं है।

उपभोक्ताओं की निर्बाध बिजली आपूर्ति प्राथमिकता

कंपनी प्रबंधन ने टीएमसी/एफओसी सेवाओं और आकस्मिक विद्युत सुधार कार्यों को उपभोक्ताओं तक निर्बाध बिजली पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण बताया है। प्रबंधन का कहना है कि इन सेवाओं में किसी भी तरह का व्यवधान उपभोक्ताओं के हित में नहीं होगा। राज्य शासन और कंपनी ने भी निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया है।

अब 2 नवंबर को होने वाली बैठक पर निगाहें रहेंगी। बातचीत में संघ की मांगों पर क्या सहमति बनती है, यह तय करेगा कि 3 नवंबर से प्रस्तावित सेवा बंदी और 7 नवंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी पर आगे क्या रुख रहता है।

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