महादेव सट्टेबाजी ऐप मामला: सौरभ चंद्राकर दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर, पूछताछ के लिए रायपुर लाएगी सीबीआई

ओमान से प्रत्यर्पित आरोपी को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में किया गया पेश, वित्तीय लेन-देन पर होगी पूछताछ
🔴 नई दिल्ली / रायपुर। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप मामले में मुख्य प्रमोटर और प्रमुख आरोपी सौरभ चंद्राकर पर जांच एजेंसियों का कानूनी शिकंजा और कस गया है। दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने सौरभ चंद्राकर को दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर भेजने का आदेश दे दिया है। ओमान से भारत प्रत्यर्पित किए जाने के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने उसे अदालत के समक्ष पेश किया था, जहां जांच एजेंसी ने विस्तृत पूछताछ के लिए ट्रांजिट रिमांड की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
पूछताछ के लिए लाया जाएगा रायपुर, सिंडिकेट से जुड़े राज उगलवाने की तैयारी
ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद अब केंद्रीय जांच ब्यूरो की टीम सौरभ चंद्राकर को रायपुर लेकर आएगी। यहां महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप और इससे जुड़े नेटवर्क के संदर्भ में उससे सघन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी के अनुसार, पूछताछ के दौरान अवैध सट्टेबाजी सिंडिकेट के संचालन, पैनल और शाखाओं के नेटवर्क, हवाला के जरिए हुए पैसों के लेन-देन तथा इस मामले में शामिल अन्य प्रभावशाली लोगों की भूमिका को लेकर कई अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
रेड कॉर्नर नोटिस के जरिए ओमान से हुआ प्रत्यर्पण
सौरभ चंद्राकर के खिलाफ इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। इसी आधार पर रॉयल ओमान पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। इसके बाद भारत सरकार के संबंधित विभागों, प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय जांच ब्यूरो और इंटरपोल के समन्वय से प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी की गई और सीबीआई की विशेष टीम उसे 1 नवंबर 2026 को ओमान से भारत लेकर आई।
सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय में पहले से दाखिल हैं आरोप पत्र
सौरभ चंद्राकर के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से दो मामलों में पहले ही आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं। इसके साथ ही प्रवर्तन निदेशालय द्वारा भी धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अभियोजन शिकायत दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां लंबे समय से सट्टेबाजी से जुटाए गए धन, मुखौटा खातों और विदेशी निवेश से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। अब रायपुर में होने वाली पूछताछ को इस पूरे मामले की जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।



