Chhattisgarhजाँजगीर -चाँपाशिक्षा

राजस्थान के ऐतिहासिक किलों और झीलों से रूबरू हुए ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी के छात्र: 6 दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण कर सकुशल लौटे

माउंट आबू, चित्तौड़गढ़, उदयपुर और सांवलिया सेठ का किया दर्शन; कक्षा 6वीं से 12वीं के 60 विद्यार्थियों ने लिया व्यावहारिक ज्ञान

🔴 जांजगीर-चांपा। ब्रिलियंट पब्लिक स्कूल बनारी, जांजगीर के विद्यार्थियों का छह दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। राजस्थान की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक धरोहरों से रूबरू कराने के उद्देश्य से आयोजित यह भ्रमण 26 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक संचालित किया गया। यात्रा पूरी कर सभी विद्यार्थी व शिक्षक चांपा रेलवे स्टेशन सकुशल पहुंचे, जहां से उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया।

60 विद्यार्थियों का दल रहा शामिल, सुरक्षा व सुविधाओं का रखा गया विशेष ध्यान

इस शैक्षणिक यात्रा में कक्षा 6वीं से 12वीं तक के करीब 60 छात्र-छात्राएं शामिल हुए। विद्यार्थियों के साथ संस्था के छह शिक्षक-शिक्षिकाएं— यात्रा प्रभारी श्रीमती नीलम सिंह, सहप्रभारी श्रीमती प्राची पाठक, सागर राठौर, ऋषभ अग्रवाल, यामिनी गंधर्व और योगेश कुमार मार्गदर्शक व अभिभावक के रूप में उपस्थित रहे। संस्था के संचालक श्री आलोक अग्रवाल भी सपरिवार इस यात्रा में शामिल हुए। पूरी यात्रा के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, खान-पान और आरामदायक आवास व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई।

चित्तौड़गढ़, माउंट आबू और उदयपुर के ऐतिहासिक स्थलों का किया अवलोकन

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने चित्तौड़गढ़ के ऐतिहासिक किले, माउंट आबू की प्राकृतिक सुंदरता, गुरुशिखर पर्वत, अचलगढ़ का किला और दिलवाड़ा जैन मंदिर का अवलोकन किया। वहीं, झीलों की नगरी उदयपुर में छात्रों ने फतेहसागर झील, सहेलियों की बाड़ी, जगदीश मंदिर, शिल्पग्राम, सुखाड़िया सर्कल और मोती मगरी जैसी ऐतिहासिक व सांस्कृतिक धरोहरों के इतिहास और स्थापत्य कला को प्रत्यक्ष रूप से समझा। चित्तौड़गढ़ से वापसी के दौरान विद्यार्थियों ने प्रसिद्ध तीर्थ स्थल श्री सांवलिया सेठ के दर्शन भी किए।

सर्वांगीण विकास के लिए अनुभवात्मक शिक्षा जरूरी:  आलोक अग्रवाल

विद्यालय के संस्था संचालक श्री आलोक अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें व्यावहारिक और अनुभवात्मक ज्ञान देना ही संस्था का मुख्य उद्देश्य है। इस तरह के आयोजनों से बच्चों में अनुशासन, सामाजिक समझ, समूह भावना और आत्मविश्वास का विकास होता है। विद्यालय प्रबंधन, संस्था संचालक डॉक्टर गिरिराज गढ़ेवाल और संस्था प्राचार्या श्रीमती सोनाली सिंह ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए शिक्षक-शिक्षिकाओं और सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

Related Articles

Back to top button