रक्तदान सबसे बड़ा दान, इससे बड़ी कोई सेवा नहीं : राज्यपाल रमेन डेका

विश्व रक्तदाता दिवस पर 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं का सम्मान, लोकभवन में आयोजित हुआ रक्तदान शिविर
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी छत्तीसगढ़ राज्य शाखा द्वारा लोकभवन में सम्मान समारोह एवं रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल Ramen Deka ने प्रदेश के सर्वाधिक रक्तदान करने वाले 30 स्वैच्छिक रक्तदाताओं सहित विभिन्न संस्थाओं एवं संगठनों के प्रतिनिधियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि रक्तदान सबसे बड़ा दान है और इससे बड़ी कोई सेवा नहीं हो सकती। किसी जरूरतमंद व्यक्ति को रक्त उपलब्ध कराना जीवनदान देने के समान है और यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है।
रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प उपलब्ध नहीं है और यह केवल स्वस्थ व्यक्तियों के स्वैच्छिक दान से ही प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया, सिकल सेल, एनीमिया, हीमोफिलिया, कैंसर तथा सड़क दुर्घटनाओं जैसी आपात परिस्थितियों में रक्त की आवश्यकता जीवन और मृत्यु के बीच का अंतर तय करती है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के रक्तदाताओं की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश के लोगों में सेवा और परोपकार की भावना विशेष रूप से दिखाई देती है। वर्षों से निस्वार्थ भाव से रक्तदान करने वाले लोग समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
लोकभवन में लगा रक्तदान शिविर
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर लोकभवन परिसर में रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। शिविर में लोकभवन के अधिकारियों, कर्मचारियों तथा अन्य लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
रेडक्रॉस के कार्यों की सराहना
राज्यपाल ने रेडक्रॉस ब्लड बैंक और उसकी टीम के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि संस्था वर्षों से जरूरतमंदों तक जीवनदायी रक्त पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है। कार्यक्रम के दौरान रेडक्रॉस स्मारिका का भी विमोचन किया गया। समारोह में छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन श्री तोमन साहू, सचिव डॉ. रूपल पुरोहित, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना सहित रेडक्रॉस के पदाधिकारी, स्वैच्छिक रक्तदाता एवं विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।





