वर्ल्ड लीडर्स फोरम में गूंजा छत्तीसगढ़ का विजन: युवाओं को ‘जॉब सीकर’ नहीं ‘जॉब क्रिएटर’ बनाएगी सरकार, CM साय ने पेश किया भविष्य का रोडमैप

नई औद्योगिक नीति के बाद मिले ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव; 6 लाख छात्रों को AI ट्रेनिंग और 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप का लक्ष्य
रायपुर/नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय ‘वर्ल्ड लीडर्स फोरम’ में वैश्विक आर्थिक दिग्गजों के समक्ष छत्तीसगढ़ की तेजी से बदलती आर्थिक तस्वीर और भविष्य का विजन प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में सीएम साय ने स्पष्ट किया कि राज्य अब पारंपरिक खनिज-उद्योगों से आगे बढ़कर युवा शक्ति, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और ग्रीन एनर्जी आधारित आधुनिक अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को सिर्फ ‘जॉब सीकर’ की जगह ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।
₹8 लाख करोड़ के प्रस्ताव और 11.57% विकास दर
मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2025-26 में प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आकार ₹6.31 लाख करोड़ पहुंच गया है और विकास दर 11.57% रही है। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026’ के तहत 450 से अधिक प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया गया है, जिसके चलते राज्य को ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य है, जिसके लिए नए उद्यमियों को ₹10 लाख तक सीड फंड दिया जा रहा है।
₹500 करोड़ का AI मिशन और नवा रायपुर में डेटा सेंटर पार्क
तकनीकी नवाचार का उल्लेख करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को एआई प्रशिक्षण दिया जाएगा। ₹500 करोड़ के स्टेट एआई मिशन के तहत 100 डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे। इसके अलावा नवा रायपुर में ₹1,000 करोड़ की लागत से एआई डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जा रहा है। साथ ही राजनांदगांव में स्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, फार्मा पार्क और कोरबा में लिथियम खोज के बाद ऊर्जा भंडारण क्षेत्र में व्यापक काम शुरू हो चुका है।
बस्तर में शांति और विकास के नए आयाम
सीएम साय ने रेखांकित किया कि सुरक्षा स्थिति सुधरने से बस्तर में विकास के नए द्वार खुले हैं। ₹4,824 करोड़ की आजीविका योजना, 421 बंद स्कूलों को फिर से शुरू करने और ₹3,513 करोड़ की जगदलपुर-रावघाट रेल परियोजना से बस्तर की सूरत बदल रही है। उन्होंने वैश्विक निवेशकों को खनिज, ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और पर्यटन हब के रूप में उभर रहे छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित किया।




