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आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय, संविधान की आत्मा को कुचलने का हुआ था प्रयास : मुख्यमंत्री साय

संविधान हत्या दिवस पर मुख्यमंत्री ने साझा किया वीडियो, लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को किया नमन

🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर

संविधान हत्या दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय बताते हुए कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर एक विशेष वीडियो साझा कर आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक अधिकारों पर लगे प्रतिबंध, प्रेस सेंसरशिप और लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को याद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने सत्ता के अहंकार में संविधान की आत्मा को कुचलते हुए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया था। इस दौरान नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर गंभीर प्रहार किया गया।

लोकतंत्र की आवाज दबाने का हुआ प्रयास

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आपातकाल के दौरान MISA जैसे दमनकारी कानूनों के तहत हजारों लोकतंत्र सेनानियों, पत्रकारों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं को जेलों में डाल दिया गया। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाए गए और लोकतंत्र की आवाज को दबाने की कोशिश की गई। हालांकि लोकतंत्र के रक्षकों ने कठिन परिस्थितियों में भी संघर्ष जारी रखा।

संविधान हत्या दिवस’ को बताया श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 25 जून को “संविधान हत्या दिवस” घोषित करना लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे नई पीढ़ी को भारतीय लोकतंत्र के उस दौर की जानकारी मिलेगी और संविधान की रक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।

लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान को पुनर्स्थापित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा बंद की गई सम्मान निधि को पुनः शुरू किया गया और बकाया राशि का भुगतान किया गया। साथ ही लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक-2025 पारित कर उनके सम्मान को कानूनी संरक्षण प्रदान किया गया।

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संविधान की रक्षा का लिया संकल्प

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से लोकतंत्र सेनानियों के त्याग और बलिदान को स्मरण करने का आह्वान करते हुए कहा कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सभी को मिलकर संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती ही देश की सबसे बड़ी ताकत है।

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