
मुख्यमंत्री ने कहा “रथयात्रा हमारी आस्था, लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का जीवंत महापर्व है”, छेरा-पहरा की परंपरा निभाकर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की ।

🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
राजधानी रायपुर के गायत्री नगर स्थित भगवान श्री जगन्नाथ मंदिर में आयोजित भव्य रथयात्रा महोत्सव में गुरुवार को राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। दोनों ने भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, उत्तम वर्षा और किसानों की खुशहाली की कामना की। पारंपरिक ‘छेरा-पहरा’ की रस्म निभाते हुए राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सोने की झाड़ू से रथमार्ग का प्रतीकात्मक शुद्धिकरण किया। इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं को विधि-विधान के साथ रथ पर विराजित कर रथयात्रा का शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने रथयात्रा को बताया आस्था और लोकसंस्कृति का महापर्व
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रथयात्रा हमारी आस्था, लोकसंस्कृति, सामाजिक समरसता और जनभागीदारी का जीवंत महापर्व है।” उन्होंने कहा कि यह पर्व समाज को सेवा, समर्पण, समानता और लोककल्याण का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि भगवान श्री जगन्नाथ किसानों के आराध्य हैं और उनकी कृपा से समय पर वर्षा, अच्छी फसल तथा किसानों के जीवन में समृद्धि आती है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में भरपूर वर्षा, कृषि समृद्धि और सभी नागरिकों के सुख-शांति की कामना की।
राज्यपाल ने दी रथयात्रा की शुभकामनाएं
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व सामाजिक समरसता, धार्मिक आस्था और भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने भगवान श्री जगन्नाथ से प्रदेश की खुशहाली और सभी के मंगल की प्रार्थना की।
पुरी की परंपरा पर आधारित होता है आयोजन
गायत्री नगर स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर में प्रतिवर्ष पुरी की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा की तर्ज पर यह आयोजन किया जाता है। छेरा-पहरा की परंपरा भगवान के समक्ष सभी के समान होने और सेवा को सर्वोच्च धर्म मानने का संदेश देती है।
कार्यक्रम में सांसद बृजमोहन अग्रवाल, विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न निगम-मंडलों एवं आयोगों के अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।






