रविवारीय राम कथा का भव्य आयोजन श्री शिवरीनारायण मठ में संपन्न

केदारनाथ से तीर्थयात्रा करते हुए जगन्नाथ पुरी जा रहे महात्माओं की मंडली भी हुई शामिल
जांजगीर चाम्पा। श्री शिवरीनारायण मठ में प्रत्येक माह के द्वितीय रविवार को आयोजित होने वाली रविवारीय राम कथा का भव्य आयोजन श्रद्धा एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महामंडलेश्वर राजेश्री महंत रामसुंदर दास जी महाराज द्वारा श्रीरामचरितमानस की पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
इस अवसर पर दूर-दराज से पहुंचे मानस वक्ताओं एवं श्रद्धालुओं ने श्रीराम कथा का रसपान किया। राजेश्री महंत जी महाराज ने अपने आशीर्वचन में कहा कि रविवारीय राम कथा आयोजन को लगभग 14 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजक श्री निरंजन लाल अग्रवाल एवं उनकी धर्मपत्नी की उपस्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि हाल ही में उनका वैवाहिक वर्षगांठ भी संपन्न हुआ है और संयोगवश आज विश्व मातृ दिवस भी है। उन्होंने भगवान शिवरीनारायण से प्रार्थना करते हुए कहा कि अग्रवाल परिवार इसी प्रकार आध्यात्मिक कार्यों में निरंतर संलग्न रहे।
कार्यक्रम में मानस मर्मज्ञ योगेश शर्मा, गंगाराम केंवट, भगतराम साहू, कुंज बिहारी कश्यप, सीताराम डडसेना, श्रीमती रामकुमारी साहू, पी.आर. साहू, भागवताचार्य नवीन शर्मा सहित अनेक वक्ताओं ने श्रीराम कथा का भावपूर्ण वर्णन कर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

महात्माओं की मंडली भी हुई शामिल
रविवारीय राम कथा में केदारनाथ से तीर्थयात्रा करते हुए जगन्नाथ पुरी जा रहे महात्माओं की मंडली भी श्री शिवरीनारायण मठ पहुंची। महात्माओं ने कुछ समय कथा श्रवण कर भगवान की भक्ति में सहभागिता निभाई।
अंतरराष्ट्रीय राम नाम बैंक द्वारा प्रमाण पत्र वितरण
कार्यक्रम के दौरान अंतरराष्ट्रीय राम नाम बैंक की ओर से 40 हजार से अधिक राम नाम लिखने वाले श्रद्धालु भक्तों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त कर श्रद्धालुओं ने प्रसन्नता व्यक्त की।
आयोजक अग्रवाल परिवार का सम्मान
रविवारीय राम कथा के आयोजक श्री निरंजन लाल अग्रवाल कार्यक्रम में सपत्नीक उपस्थित रहे। वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर राजेश्री महंत जी महाराज द्वारा उन्हें साल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया।
श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद एवं शीतल पेय की व्यवस्था
गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालु भक्तों के लिए भगवान जगन्नाथ जी का भोजन प्रसाद दाल, भात, सब्जी एवं पुरी के साथ विशेष रूप से आम का पना परोसा गया। साथ ही सभी श्रद्धालुओं के लिए मीठे नींबू पानी की भी व्यवस्था की गई।





