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विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा में जिला चिकित्सालय जांजगीर की वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा उठाया

8.80 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता को लेकर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव, स्वास्थ्य मंत्री ने पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर

जांजगीर-चांपा विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से जिला चिकित्सालय जांजगीर में 8.80 लाख रुपये की कथित वित्तीय अनियमितता का मामला उठाया। उन्होंने लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल से मितानिनों और स्वीपरों की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में हुई कथित गड़बड़ी सहित अन्य मामलों की जांच और कार्रवाई की मांग की।

प्रोत्साहन राशि के भुगतान पर उठाए सवाल

विधायक ब्यास कश्यप ने आरोप लगाया कि मितानिनों और स्वीपरों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों के बजाय अस्पताल में पदस्थ दो कर्मचारियों के खातों में अंतरित कर दी गई। उन्होंने इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता बताते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।उन्होंने जिला चिकित्सालय में जीवनदीप समिति की राशि में कथित अनियमितता और सिविल सर्जन कार्यालय में हुई आगजनी के मामले का भी उल्लेख करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही जिला चिकित्सालय को भ्रष्टाचार का गढ़ बताते हुए शासन और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

स्वास्थ्य मंत्री ने दिया जवाब

लोक स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में बताया कि मार्च 2026 में SNA स्पर्श पोर्टल पर वेंडर वैलिडेशन संबंधी तकनीकी समस्या और राशि आहरण की अंतिम तिथि होने के कारण रकम अस्थायी रूप से दो कर्मचारियों के खातों में अंतरित की गई थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में पूरी राशि जिला चिकित्सालय जांजगीर की जीवनदीप समिति के खाते में जमा है तथा मितानिनों को भुगतान के लिए सूची तैयार की जा रही है।मंत्री ने सिविल सर्जन कार्यालय में हुई आगजनी में किसी दस्तावेज के नष्ट होने से इनकार करते हुए जिला चिकित्सालय को भ्रष्टाचार का गढ़ बताए जाने के आरोप को भी खारिज किया।

पांच सदस्यीय जांच टीम गठित

पूरक प्रश्न के दौरान विधायक ब्यास कश्यप ने पूछा कि तकनीकी समस्या होने पर राशि विभागीय खाते में जमा करने के बजाय कर्मचारियों के व्यक्तिगत खातों में क्यों भेजी गई। उन्होंने जांच पूरी होने तक संबंधित कर्मचारियों को अन्यत्र पदस्थ करने की भी मांग की। इस पर स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मामले की जांच के लिए प्रदेश स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों की पांच सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

नेता प्रतिपक्ष ने भी किया समर्थन

नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी विधायक ब्यास कश्यप की मांग का समर्थन करते हुए संबंधित कर्मचारी को जांच पूरी होने तक जिला चिकित्सालय जांजगीर से हटाने और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की।

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