पीथमपुर मेला: धूल पंचमी पर कल निकलेगी बाबा कलेश्वरनाथ की शाही बारात, चांदी के डोले में सजेंगे ‘दूल्हा’ सरकार

जांजगीर-चांपा । जांजगीर-चांपा जिले में मेलों और मड़इयों के शानदार सफर का समापन पीथमपुर के सुप्रसिद्ध मेले के साथ होने जा रहा है। धूल पंचमी (रंग पंचमी) के पावन अवसर पर बाबा कलेश्वरनाथ की भव्य बारात निकाली जाएगी, जिसमें देशभर से आए नागा साधु और हजारों शिवभक्त बाराती बनेंगे।
चांदी के डोले में विराजेगा ‘दूल्हा’
परंपरा के अनुसार, दोपहर में चांपा महल परिवार द्वारा ‘राजपूजा’ संपन्न की जाएगी। इसके बाद पंचमुखी बाबा कलेश्वरनाथ चांदी के भव्य डोले में दूल्हा बनकर विराजेंगे। यह बारात पीथमपुर के गलियारों से गुजरेगी, जहां भक्त अपने आराध्य के दर्शन करेंगे। बारात में शौर्य प्रदर्शन करते नागा साधु आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
शाही स्नान और गोला पूजा का आकर्षण
बारात से पहले हसदेव नदी के पावन जल में विभिन्न अखाड़ों के साधु-संतों द्वारा ‘शाही स्नान’ किया जाएगा। शाम को शाही स्नान के बाद रात में परंपरागत ‘गोला पूजा’ आयोजित होगी, जिसे देखने के लिए दूर-दराज से श्रद्धालु पीथमपुर पहुँचते हैं।
अंचल के मेलों की आखिरी कड़ी
जिले में बसंत पंचमी को कुटीघाट से शुरू होने वाला मेलों का सिलसिला, शिवरीनारायण और नवागढ़ होते हुए अब पीथमपुर में आकर विश्राम लेगा। हालांकि आधिकारिक तौर पर यह मेला होली से 10 दिनों तक चलता है, लेकिन रंग पंचमी से इसकी वास्तविक रौनक शुरू होती है। जनपद पंचायत नवागढ़ द्वारा मेले के सुचारू संचालन के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। अगर आप भी बाबा कलेश्वरनाथ के शाही ठाट और नागा साधुओं के अद्भुत करतब देखना चाहते हैं, तो कल पीथमपुर पहुँचकर इस ऐतिहासिक बारात का हिस्सा बन सकते हैं।



