GLD पब्लिक स्कूल खैरताल पर गंभीर आरोप, शिक्षिका ने मानसिक प्रताड़ना और वेतन गड़बड़ी की खोली परतें

बिना नोटिस नौकरी से हटाने, पीएफ जमा नहीं करने और दुर्व्यवहार का आरोप; महिला आयोग व शिक्षा विभाग तक पहुंची शिकायत
जांजगीर-चांपा। जिले के नवागढ़ विकासखंड स्थित जी.एल.डी. पब्लिक स्कूल खैरताल एक बार फिर विवादों में घिर गया है। इस बार विद्यालय की एक शिक्षिका ने स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य पर गंभीर आरोप लगाते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग से न्याय की गुहार लगाई है।
विद्यालय में वर्ष 2021 से कार्यरत शिक्षिका गीता महंत ने विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नवागढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर विद्यालय संचालक पंकज कुमार देवांगन एवं प्राचार्य डॉ. शिव पुजन पाण्डे पर मानसिक प्रताड़ना, वेतन कटौती, पीएफ राशि जमा नहीं करने, अभद्र व्यवहार करने और बिना सूचना नौकरी से हटाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
वेतन भुगतान में गड़बड़ी का आरोप
शिक्षिका ने शिकायत में बताया कि विद्यालय के रिकॉर्ड में उनका मासिक वेतन 13,336 रुपये दर्शाया जाता था, लेकिन वास्तविक रूप से उन्हें केवल 5,000 रुपये ही दिए जाते थे। उनका आरोप है कि शेष राशि अलग-अलग खातों में ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई जाती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विद्यालय प्रबंधन शासन को अधिक वेतन भुगतान दर्शाकर नियमों का उल्लंघन कर रहा था। साथ ही कर्मचारियों के भविष्य निधि (PF) से जुड़ी अनियमितताओं का भी आरोप लगाया गया है।
शासकीय अवकाश में भी बुलाने का आरोप
पीड़िता के अनुसार विद्यालय प्रबंधन द्वारा शासकीय अवकाश के दिनों में भी शिक्षकों को स्कूल बुलाया जाता था। विरोध करने पर मानसिक दबाव बनाया जाता था और प्रताड़ित किया जाता था। शिक्षिका का कहना है कि लगातार मानसिक दबाव और अपमानजनक व्यवहार के कारण वह काफी परेशान थीं, लेकिन नौकरी बचाने के लिए चुप रहीं।
अवकाश मांगने पर नौकरी से हटाने का आरोप
शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि अप्रैल 2026 में पारिवारिक कार्यक्रम के लिए अवकाश मांगने पर स्कूल प्रबंधन ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद बिना किसी लिखित नोटिस या पूर्व सूचना के उन्हें नौकरी से हटा दिया गया। पीड़िता ने इसे श्रम नियमों और शिक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
महिला आयोग और पुलिस तक पहुंचा मामला
मामले को गंभीर बताते हुए शिक्षिका ने शिकायत की प्रतिलिपि जिला कलेक्टर, जिला शिक्षा अधिकारी, महिला थाना तथा नवागढ़ थाना में भी भेजी है। शिकायत के समर्थन में उन्होंने नियुक्ति पत्र, विद्यालय का आईडी कार्ड, अनुभव प्रमाण पत्र और व्हाट्सएप चैट जैसे दस्तावेज भी प्रस्तुत किए हैं।
विद्यालय की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे मामले के सामने आने के बाद विद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी तेज हो गई है कि निजी स्कूलों में शिक्षकों के वेतन, कार्य अवधि और सेवा शर्तों को लेकर पारदर्शिता कितनी है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला निजी शिक्षण संस्थानों में कर्मचारियों के अधिकारों और श्रम नियमों के पालन पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर सकता है।
बीईओ बोले – जांच टीम गठित
मामले में विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नवागढ़ ए.के. पाटले ने कहा कि शिक्षिका की शिकायत के आधार पर जांच टीम गठित कर दी गई है। उन्होंने बताया कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो स्कूल प्रबंधन के खिलाफ उचित एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।






