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झारखंड राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को झटका, क्रॉस वोटिंग से NDA समर्थित परिमल नाथवानी बने सांसद

दो सीटों के चुनाव में JMM और NDA समर्थित उम्मीदवार को मिली जीत, कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा रहे पीछे

🔴 Aaj Ki Baat News

झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर हुए चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। विधानसभा में पर्याप्त संख्या बल होने के बावजूद इंडिया गठबंधन दोनों सीटें अपने नाम नहीं कर सका। चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के बैद्यनाथ राम और एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी विजयी रहे, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा।

संख्या बल के बावजूद नहीं जीत सकी कांग्रेस

झारखंड विधानसभा में इंडि गठबंधन के पास कुल 56 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 28 वोटों की आवश्यकता थी। ऐसे में गठबंधन दोनों सीटें जीतने की स्थिति में था, लेकिन मतदान के बाद सामने आए परिणामों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए।

नाथवानी को मिले 28 वोट, कांग्रेस उम्मीदवार को 20 मत

चुनाव परिणाम के अनुसार जेएमएम उम्मीदवार बैद्यनाथ राम को 30 वोट मिले। वहीं एनडीए समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी को 28 मत प्राप्त हुए। कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को केवल 20 वोट मिले। चुनाव में तीन वोट अमान्य भी घोषित किए गए।

क्रॉस वोटिंग पर बढ़ी चर्चा

एनडीए के पास विधानसभा में 24 विधायक हैं, जबकि परिमल नाथवानी को 28 वोट मिले। इसके बाद राजनीतिक हलकों में क्रॉस वोटिंग की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि इंडि गठबंधन के कुछ विधायकों ने भी नाथवानी के पक्ष में मतदान किया, जिससे कांग्रेस का चुनावी गणित बिगड़ गया।

सहयोगी दलों की भूमिका पर उठे सवाल

विधानसभा में इंडिया गठबंधन के तहत जेएमएम के 34, कांग्रेस के 16, राजद के 4 और भाकपा (माले) लिबरेशन के 2 विधायक हैं। चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस खेमे में सहयोगी दलों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। हालांकि कांग्रेस का दावा है कि उसके सभी विधायकों ने पार्टी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया।

भाजपा पर लगाए धनबल के आरोप

परिणाम आने के बाद कांग्रेस नेता और मंत्री दीपिका पांडे सिंह ने भाजपा पर धनबल के उपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने एक कॉर्पोरेट उम्मीदवार को निर्दलीय के रूप में समर्थन देकर चुनाव जिताने का प्रयास किया। कांग्रेस का आरोप है कि इस चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग को बढ़ावा दिया गया। हालांकि भाजपा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज

राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने झारखंड की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि क्रॉस वोटिंग किस स्तर पर हुई और इसका आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर क्या असर पड़ेगा।

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