छत्तीसगढ़जाँजगीर -चाँपापॉलिटिक्स

अधिकारों की अनदेखी पर विधायक का संग्राम: तपती धूप में कलेक्ट्रेट गेट पर बैठे ब्यास कश्यप; 15 दिनों के भीतर समाधान के आश्वासन पर समाप्त हुआ सत्याग्रह

जांजगीर-चांपा 4 मई 2026।  शासन-प्रशासन द्वारा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी और विकास कार्यों में हो रहे भेदभाव के विरोध में आज जांजगीर-चांपा की राजनीति में बड़ा उबाल देखने को मिला। विधायक ब्यास कश्यप ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अपने समर्थकों के साथ ऐतिहासिक सत्याग्रह (अनशन) किया।

निधि रोकने और भेदभाव का लगाया गंभीर आरोप
विधायक ब्यास कश्यप ने सीधे तौर पर प्रशासन और प्रभारी मंत्री पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उनकी 1 करोड़ 4 लाख रुपये की विधायक निधि को पिछले दो साल से अनधिकृत रूप से रोक कर रखा गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास, अधोसंरचना मद, DMF, CSR और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में जांजगीर-चांपा विधानसभा के साथ पक्षपात किया जा रहा है। विधायक के अनुसार, “विकास कार्यों के लिए या तो राशि दी ही नहीं जा रही, या फिर नाम मात्र का फंड देकर क्षेत्र की जनता का अपमान किया जा रहा है।”

गांधीवादी तरीके से विरोध: भजनों से गूंजा कलेक्ट्रेट
तपती धूप में जमीन पर बैठकर किए जा रहे इस सत्याग्रह के दौरान समर्थकों ने विधायक के पीछे महात्मा गांधी का चित्र लगाया और ‘रघुपति राघव राजा राम’ का भजन गाकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज कराया। चिलचिलाती गर्मी के बावजूद ‘अधिकार दो-न्याय दो’ के नारों से पूरा कलेक्ट्रेट परिसर गूंज उठा।

विपक्ष के अन्य विधायकों का मिला खुला समर्थन
इस आंदोलन की ताकत तब और बढ़ गई जब अकलतरा विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह और जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर ब्यास कश्यप को अपना समर्थन दिया। उन्होंने इसे पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया। इस मौके पर जिला कांग्रेस, ब्लॉक कांग्रेस, युवा कांग्रेस और हजारों की संख्या में क्षेत्र की जनता विधायक के समर्थन में डटी रही।

प्रशासनिक पहल: 15 दिनों में समाधान का वादा
करीब चार घंटे तक चले इस कड़े संघर्ष के बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया। अतिरिक्त कलेक्टर ज्ञानेंद्र ठाकुर और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कश्यप ने पुलिस बल के साथ विधायक से वार्ता की। प्रशासन ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि विधायक की सभी जायज मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा और 15 दिनों के भीतर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।

विधायक की चेतावनी: “अभी लड़ाई जारी है”
प्रशासनिक आश्वासन के बाद विधायक ब्यास कश्यप ने सत्याग्रह समाप्त करने की घोषणा की, लेकिन साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप लेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र के विकास और सम्मान की है।

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