
छपोरा में फर्जी बैंक खोलकर युवाओं से 7.71 लाख रुपये ऐंठे, सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया
🔴 Aaj Ki Baat News | सक्ती
सक्ती जिले के चर्चित फर्जी SBI बैंक घोटाले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। छपोरा गांव में फर्जी भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शाखा संचालित कर युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले तीन और फरार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर युवाओं को SBI में कैशियर सहित अन्य पदों पर नौकरी दिलाने का लालच देते थे और इसके एवज में मोटी रकम वसूलते थे।
फर्जी नियुक्ति पत्र देकर की गई थी ठगी
मामले की शिकायत SBI क्षेत्रीय कार्यालय कोरबा की ओर से दर्ज कराई गई थी। शिकायत में बताया गया था कि आरोपियों द्वारा ग्राम छपोरा में फर्जी SBI बैंक संचालित कर कई लोगों को नकली नियुक्ति पत्र जारी किए गए थे। जांच में सामने आया कि छह से अधिक लोगों से नौकरी लगाने के नाम पर कुल 7 लाख 71 हजार 800 रुपये की ठगी की गई। प्रकरण दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और समय-समय पर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पहले भी हो चुकी हैं कई गिरफ्तारियां
पुलिस जांच के दौरान अनिल भास्कर, नरेंद्र साहू, हीरा दिवाकर उर्फ कुणाल दिवाकर, टुकेश्वर दास महंत, सुभद्रा महंत और पंकज टंडन सहित कई आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं शेष फरार आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोग पत्र भी प्रस्तुत किया गया था।
तीन और आरोपी पुलिस गिरफ्त में
पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) भुवनेश्वरी पैंकरा के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश तेज की गई। इसी क्रम में पुलिस ने फरार आरोपी मंथिर दास, रेखा साहू एवं मिलन साहू को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने विधिवत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण राजपूत, उप निरीक्षक चंद्रप्रकाश कंवर, साइबर सेल टीम एवं थाना मालखरौदा स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




