कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई: 9 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त, अकलतरा की आर.के. ट्रेडर्स दुकान व गोदाम सीलबंद

नियमों की अनदेखी पर 1 दुकान का लाइसेंस निलंबित, 48 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस; बिना नवीनीकरण कीटनाशक बेचने पर सख्त कार्रवाई
जांजगीर-चांपा। 03 सितंबर 2026। जिले में निजी कीटनाशक विक्रय केंद्रों पर नियमों की अनदेखी और अनियमितता बरतने वालों के खिलाफ कृषि विभाग ने सघन जांच अभियान शुरू किया है। उप संचालक कृषि के निर्देश पर जिला एवं विकासखंड स्तरीय कीटनाशक निरीक्षकों द्वारा प्रतिष्ठानों की लगातार जांच की जा रही है। जांच में गंभीर खामियां मिलने पर विभाग ने अब तक जिले के 9 कीटनाशक विक्रेताओं के लाइसेंस सीधे निरस्त कर दिए हैं, जबकि 1 विक्रेता का लाइसेंस निलंबित किया गया है और 48 दुकानों को कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।
अकलतरा में आर.के. ट्रेडर्स की दुकान और गोदाम सील अभियान के तहत 2 सितंबर को कीटनाशक निरीक्षक द्वारा अकलतरा स्थित मेसर्स आर.के. ट्रेडर्स के विक्रय प्रतिष्ठान का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संचालक ने कीटनाशक अनुज्ञप्ति में स्रोत प्रमाण पत्र का अनिवार्य नवीनीकरण नहीं कराया था। नियमों का खुला उल्लंघन पाए जाने पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फर्म के विक्रय प्रतिष्ठान और गोदाम दोनों को सीलबंद कर दिया।

इन 9 दुकानों के लाइसेंस किए गए निरस्त
कार्रवाई के दौरान पामगढ़ विकासखंड के मेसर्स आनंद ट्रेडर्स (धनगांव), मेसर्स पटेल कृषि केन्द्र (डोंगाकोहरौद), मेसर्स अनुग्रह कृषि केन्द्र (तरौद), मेसर्स साहू कृषि केन्द्र (कोसा) और मेसर्स विश्वकर्मा कृषि रक्षा केन्द्र (कोसा) के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं बलौदा विकासखंड अंतर्गत मेसर्स श्री कृषि केन्द्र (जावलपुर), मेसर्स दया कृषि केन्द्र (उच्चभिट्ठी), मेसर्स गुड्डू कृषि केन्द्र (लछनपुर) तथा नवागढ़ विकासखंड के मेसर्स आनंद ट्रेडर्स (खैरताल) का लाइसेंस भी अनियमितता के चलते निरस्त किया गया है। इसके अतिरिक्त नैला-जांजगीर स्थित मेसर्स बालाजी कृषि केन्द्र का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
अनियमितता पर आगे भी जारी रहेगी सख्त कार्रवाई

उप संचालक कृषि जांजगीर ने स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी हाल में अवैध या अनियमित रूप से कीटनाशकों की बिक्री बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बिना वैध लाइसेंस अथवा बिना स्रोत प्रमाण पत्र नवीनीकरण के कीटनाशक बेचने वालों और कीटनाशक अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले सभी प्रतिष्ठानों पर आगे भी इसी तरह कठोर दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।




