पामगढ़ में मवेशी तस्करी पर पुलिस का बड़ा एक्शन: 19 मवेशियों के साथ तस्कर गिरफ्तार, करीब 2.50 लाख के पशु जब्त

क्रूरतापूर्वक बिना चारा-पानी के हांकते हुए बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था डोंगाकोहरौद, कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम के तहत भेजा गया जेल
🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। जिले में पशु तस्करी और क्रूरता के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना पामगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से बिक्री के लिए ले जाए जा रहे 19 मवेशियों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस मामले में पुलिस ने बोरसी निवासी एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 के तहत अपराध पंजीबद्ध करते हुए न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। जब्त मवेशियों का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 2.50 लाख रुपये आंका गया है।
मुखबिर की सूचना पर डोंगाकोहरौद के पास घेराबंदी
पामगढ़ पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी कि ग्राम बोरसी निवासी रामसागर महिलांगे उर्फ ढुलू (55 वर्ष) अपने अन्य साथियों के साथ बड़ी संख्या में मवेशियों को बेरहमी से मारते-पीटते और बिना दाना-पानी के पैदल हांकते हुए अवैध बिक्री की नीयत से ग्राम डोंगाकोहरौद की ओर ले जा रहा है।सूचना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यूलैण्डन यार्क के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी शिवरीनारायण तोमेश वर्मा के नेतृत्व में पामगढ़ थाना प्रभारी की टीम ने तत्काल डोंगाकोहरौद मार्ग पर नाकेबंदी कर संदेही को मवेशियों के साथ घेर लिया।
19 मवेशी जब्त, जुर्म कबूलने पर भेजा गया सलाखों के पीछे
पुलिस टीम ने मौके से 7 मादा भैंस और 12 नर भैंस समेत कुल 19 मवेशी बरामद किए। जब आरोपी रामसागर महिलांगे से मवेशियों के परिवहन, खरीदी-बिक्री अथवा स्वामित्व संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई वैध कागजात प्रस्तुत नहीं कर सका। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अवैध लाभ कमाने के उद्देश्य से पशुओं की तस्करी व अवैध बिक्री में शामिल होना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने 2.50 लाख रुपये मूल्य के सभी 19 मवेशियों को जब्त कर आरोपी के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत अपराध दर्ज कर उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
कार्रवाई में इनकी रही सराहनीय भूमिका
तस्करी के इस मामले का खुलासा करने और मवेशियों को मुक्त कराने में थाना प्रभारी पामगढ़ निरीक्षक राकेश सूर्यवंशी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक कविता टंडन, सउनि कृष्ण कुमार कोशले, प्रधान आरक्षक राजेश कोशले तथा आरक्षक भुनेश्वर पटेल व सीताराम सूर्यवंशी का विशेष व सराहनीय योगदान रहा।




