श्री दूधाधारी मठ में शारदीय नवरात्र का शुभारंभ: रामचरितमानस नवान्हपरायण शुरू, महंत रामसुन्दर दास ने की देश-प्रदेश की खुशहाली की कामना

नौ दिवसीय पर्व पर मठ में गूंजी मानस की चौपाइयां; बालाजी भगवान, श्रीरामपंचायत और हनुमान जी की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न
🔴 आज की बात News | रायपुर। पावन शारदीय नवरात्र के प्रथम दिवस पर ऐतिहासिक एवं धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्र श्री दूधाधारी मठ में विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना की गई। इस पावन अवसर पर मठ की प्राचीन परंपरा के अनुसार श्री रामचरितमानस की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ नौ दिवसीय नवान्हपरायण पाठ का भव्य शुभारंभ हुआ। इस दौरान महामंडलेश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने पूजा-अर्चना कर प्रदेश एवं देश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की मंगल कामना की।

आस्था और भक्ति के रंग में रंगा मठ परिसर
नवरात्र के पहले दिन श्री दूधाधारी मठ का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय नजर आया। बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्री स्वामी बालाजी भगवान, श्रीरामपंचायत एवं संकट मोचन श्री हनुमान जी महाराज की सपरिवार पूजा-अर्चना की और समाज में सुख-शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन के लिए प्रार्थना की।
सनातन परंपरा में चार नवरात्र का विधान: राजेश्री महंत जी

श्री दूधाधारी मठ एवं श्री शिवरीनारायण मठ के पीठाधीश्वर राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ने अपने पावन संदेश में कहा कि भारतीय सनातन परंपरा में वर्ष भर में चार नवरात्र मनाने का विधान है, जिसमें से दो प्रत्यक्ष और दो अप्रत्यक्ष (गुप्त) रूप से मनाई जाती हैं। उन्होंने बताया कि शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर मठ में प्रतिवर्ष श्री रामचरितमानस का नवान्ह परायण करने की सुदीर्घ परंपरा रही है, जिसका श्रद्धापूर्वक निर्वाह किया जा रहा है।
प्रतिष्ठित नागरिक व श्रद्धालु रहे उपस्थित
मठ में नवरात्र का यह पर्व पूर्णतः धार्मिक परंपराओं, वैदिक मर्यादा और अटूट श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। पूजा-अर्चना के दौरान मुख्य रूप से राम अवतार दास, राम मनोहर दास, राम शिरोमणि दास, रामप्रिय दास, निर्मल दास वैष्णव, हर्ष दुबे, प्रवेश नारायण शुक्ला, ओम प्रकाश यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित रहे।




