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शिवरीनारायण में चित्रोत्पला गंगा महाआरती में सपत्नीक शामिल हुए CM विष्णु देव साय: बोले- ‘महानदी छत्तीसगढ़ की आस्था की अविरल धारा, जल संरक्षण को बनाएं जनआंदोलन’

दीपों की जगमगाहट और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच महानदी मैया की उतारी आरती; वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने का दिया संदेश

🔴 आज की बात News | शिवरीनारायण/रायपुर। माता शबरी की पावन नगरी शिवरीनारायण में शारदीय नवरात्रि के अवसर पर महानदी के पवित्र तट पर भव्य ‘चित्रोत्पला गंगा महाआरती’ का आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ श्रद्धा और भक्तिभाव से महाआरती में सम्मिलित हुए। वैदिक मंत्रोच्चार और दीपों की आलौकिक जगमगाहट के बीच मुख्यमंत्री ने महानदी मैया की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और समग्र कल्याण की मंगल कामना की।

‘महानदी केवल जीवनदायिनी नहीं, हमारी आस्था व संस्कृति की धारा’

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महानदी छत्तीसगढ़ की गंगा मैया है। यह मात्र एक जलधारा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति, सभ्यता और जनजीवन की अविरल धारा है, जिसने सदियों से हमारी धरती और कृषि अर्थव्यवस्था को सींचा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार पूरे राष्ट्र में गंगा मैया के प्रति अगाध श्रद्धा है, उसी प्रकार छत्तीसगढ़वासियों के मन में महानदी के प्रति अटूट आस्था है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नदियों के प्रति हमारी आस्था तभी सार्थक होगी, जब हम उनके संरक्षण, संवर्धन और स्वच्छता को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानेंगे।

‘जल है तो कल है’: वर्षा जल की एक-एक बूंद सहेजने का आह्वान

जल संकट की भावी चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जल है तो कल है’। आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए जल संरक्षण को एक व्यापक जनआंदोलन का रूप देना होगा। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया कि वर्षा जल की एक-एक बूंद को सहेजने की संस्कृति विकसित करें। गांव, शहर, घर अथवा सार्वजनिक स्थल—हर जगह वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) की प्रभावी व्यवस्था होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘जल संचय-जनभागीदारी अभियान’ का उल्लेख करते हुए कहा कि सोकपिट निर्माण, हैंडपंपों के समीप भूजल पुनर्भरण और स्थानीय स्तर पर अपनाए जा रहे ‘पांच प्रतिशत मॉडल’ जैसे नवाचारों से भूजल स्तर को सुधारा जा सकता है। उन्होंने पारंपरिक तालाबों, कुओं और प्राकृतिक जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष बल दिया।

शिवरीनारायण को राष्ट्रीय फलक पर सशक्त पहचान दिलाने का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिवरीनारायण प्रभु श्रीराम और माता शबरी की अनन्य भक्ति से जुड़ी पावन धरा है। राज्य सरकार प्रदेश के ऐसे ऐतिहासिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्रों की गरिमा को संरक्षित रखते हुए इन्हें राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि महाआरती का यह आयोजन हमें नदियों को प्रदूषण मुक्त और स्वच्छ बनाए रखने के दायित्व का बोध कराता है। वहीं, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि शिवरीनारायण की आध्यात्मिक महिमा को नई ऊंचाइयों तक ले जाने और इसे देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए चौतरफा प्रयास जारी हैं।

विशिष्ट जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु रहे उपस्थित

महाआरती के इस भव्य आयोजन के दौरान सांसद श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष नारायण चंदेल, राजेश्री महंत रामसुंदर दास, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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