नक्सलियों का ‘मास्टरमाइंड’ गणपति नेपाल से गिरफ्तार, छत्तीसगढ़ पुलिस को मिली बड़ी सफलता

रायपुर/जगदलपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद की कमर तोड़ते हुए एक बड़ी ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। नक्सलियों के सबसे बड़े रणनीतिकार और ‘ब्रेन’ कहे जाने वाले खूंखार नक्सल नेता गणपति को नेपाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।
कौन है गणपति
नक्सल केंद्रीय समिति का पूर्व सचिव: गणपति वर्ष 2004 से 2018 तक नक्सल केंद्रीय समिति के सचिव के रूप में संगठन की कमान संभाल चुका है। पोलित ब्यूरो सदस्य: वह संगठन के निर्णय लेने वाली सर्वोच्च इकाई ‘पोलित ब्यूरो’ का सक्रिय सदस्य था। हमलों का मास्टरमाइंड: पुलिस बलों पर हुए कई बड़े हमलों और साजिशों में उसकी प्रमुख भूमिका रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस को लंबे समय से उसकी तलाश थी।
टूट रहा है नक्सलियों का तिलिस्म
गणपति की गिरफ्तारी के साथ ही नक्सली खेमे में भारी खलबली मची हुई है। खबर है कि 15 अन्य नक्सलियों का एक समूह भी आत्मसमर्पण करने की तैयारी में है। हाल ही में पूर्वी बस्तर डिवीजन कमेटी के सदस्यों सहित कई बड़े नेताओं के सरेंडर करने से नक्सलियों का मनोबल पूरी तरह टूट चुका है।
पुलिस की बढ़ती सक्रियता का असर
सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और शासन की आत्मसमर्पण नीति के चलते अब नक्सली लगातार हथियार डाल रहे हैं। गणपति की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को संगठन की आंतरिक कार्यप्रणाली और भावी योजनाओं के बारे में कई महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।




