राज्यसभा चुनाव: मीनाक्षी नटराजन की याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की

नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप से किया इनकार, चुनावी प्रक्रिया में अनुच्छेद 329 का हवाला
🔴 आज की बात न्यूज़ | नई दिल्ली
मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव से जुड़े नामांकन विवाद में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने उनका नामांकन रद्द किए जाने के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। मीनाक्षी नटराजन ने अपने नामांकन पत्र को रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा निरस्त किए जाने के फैसले को चुनौती देते हुए सर्वोच्च अदालत का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के परिणाम पर रोक लगाने की भी मांग की थी, लेकिन अदालत ने यह अनुरोध स्वीकार नहीं किया।
अनुच्छेद 329 का दिया हवाला
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 329 का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान न्यायालय आमतौर पर हस्तक्षेप नहीं करता। अदालत ने यह भी कहा कि यदि इस प्रकार की याचिकाओं पर सुनवाई की जाती है, तो यह स्थापित संवैधानिक व्यवस्था से परे होगा और एक नई परंपरा की शुरुआत कर सकता है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चुनाव संबंधी विवादों के समाधान के लिए संविधान में चुनाव याचिका का प्रावधान किया गया है, जिसके तहत परिणाम घोषित होने के बाद संबंधित उम्मीदवार हाईकोर्ट का रुख कर सकता है।
नामांकन रद्द होने की वजह
रिटर्निंग ऑफिसर ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन इस आधार पर निरस्त किया था कि उन्होंने तेलंगाना की एक अदालत में लंबित एक आपराधिक मामले की जानकारी नामांकन पत्र में नहीं दी थी। इस पर मीनाक्षी नटराजन का तर्क था कि नामांकन पत्र में केवल उन्हीं मामलों का उल्लेख करना आवश्यक है, जिनमें आरोप तय (चार्ज फ्रेम) हो चुके हों। उनके अनुसार संबंधित मामले में केवल नोटिस जारी हुआ था और आरोप तय नहीं हुए थे, इसलिए जानकारी छिपाने का सवाल नहीं उठता।
सिंघवी ने रखा पक्ष
मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत में पक्ष रखते हुए कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर का आदेश पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) के प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि मामले के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए राहत दी जानी चाहिए।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिका में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
भाजपा उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित
मध्य प्रदेश की तीन राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित हो चुके हैं। मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के बाद मैदान में केवल भाजपा उम्मीदवार ही बचे थे, जिसके चलते मतदान की आवश्यकता नहीं पड़ी।




