6,412 जोड़ों का सामूहिक विवाह: छत्तीसगढ़ का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत रायपुर में हुआ भव्य आयोजन
एक ही दिन में हजारों जोड़े बने जीवनसाथी, सामाजिक समरसता की अनोखी मिसाल
रायपुर, 16 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ ने सामाजिक समरसता और जनभागीदारी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत आयोजित सामूहिक विवाह समारोह को Golden Book of World Records में दर्ज किया गया है। एक ही दिन में हजारों जोड़ों के विवाह के साथ यह आयोजन ऐतिहासिक बन गया।
रायपुर में हुआ राज्य स्तरीय भव्य आयोजन

10 फरवरी को राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित इस समारोह में मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai की उपस्थिति में पूरे प्रदेश से 6,412 जोड़े वैवाहिक बंधन में बंधे। इनमें से 1,316 जोड़ों का विवाह रायपुर में प्रत्यक्ष रूप से संपन्न हुआ, जबकि शेष जोड़े प्रदेश के अलग-अलग जिलों से वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े।
सभी धर्मों के जोड़ों ने निभाई अपनी परंपराएं
इस सामूहिक विवाह की खासियत यह रही कि इसमें हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध और बैगा जनजाति समुदाय के जोड़ों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह किया। इससे यह आयोजन सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विविधता और सर्वधर्म समभाव का प्रतीक बन गया।
योजना से हजारों परिवारों को मिला सहारा

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए सम्मान और सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन चुकी है। इस योजना के तहत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिलती है।
योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री ने की थी
महिला एवं बाल विकास मंत्री Lakshmi Rajwade ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी और वर्तमान सरकार इसे और अधिक व्यापक बनाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
राज्य में आयोजित यह ऐतिहासिक सामूहिक विवाह समारोह अब गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज होकर छत्तीसगढ़ को सामाजिक समरसता और जनकल्याण के क्षेत्र में नई पहचान दिला रहा है।




