क्राइमजाँजगीर -चाँपा

टेलीग्राम पर ‘डबल मुनाफे’ का लालच पड़ा महंगा: चांपा के युवक से 27 लाख की ठगी, साइबर सेल ने औरंगाबाद से दो आरोपियों को दबोचा

जांजगीर-चांपा: ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ जांजगीर-चांपा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। टेलीग्राम एप के जरिए “पैसा दोगुना करने” का झांसा देकर एक युवक से 27.26 लाख रुपये की ठगी करने वाले दो आरोपियों को साइबर पुलिस ने महाराष्ट्र के औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है।

कैसे बुना गया ठगी का जाल?
चांपा निवासी 32 वर्षीय राजेश कुमार सोनी ने अपने मोबाइल में टेलीग्राम एप डाउनलोड किया था। दिसंबर 2025 में एक अज्ञात युवती ने उनसे संपर्क किया और एक निवेश कंपनी में पैसा लगाने पर भारी मुनाफे का दावा किया। युवक को एक टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया, जहाँ ग्रुप के अन्य सदस्य (जो गिरोह के ही हिस्सा थे) फर्जी स्क्रीनशॉट दिखाकर निवेश के लिए प्रेरित करने लगे।

किश्तों में ऐंठ लिए 27.26 लाख रुपये
आरोपियों के झांसे में आकर राजेश ने अलग-अलग तारीखों में यूपीआई (UPI), आरटीजीएस (RTGS) और पेटीएम के माध्यम से कुल 27,26,614 रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब मुनाफा मिलना तो दूर, मूल रकम भी वापस नहीं हुई, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते से मिला सुराग
प्रभारी एसपी श्रीमती निवेदिता पाल और एएसपी उमेश कुमार कश्यप के निर्देशन में साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की। पुलिस को एक बैंक खाते का सुराग मिला, जिसमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। यह खाता औरंगाबाद के उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक में था।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद में पुलिस की दबिश
साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक सागर पाठक के नेतृत्व में पुलिस टीम औरंगाबाद पहुंची। वहां छापेमारी कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया गया:
आवेज मसूद शेख (32 वर्ष)
अब्दुल वाहिद (34 वर्ष)
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे दिल्ली के किसी मुख्य सरगना के इशारे पर काम करते थे। वे भोले-भाले लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे और ठगी की रकम आने पर उसे निकालकर कमीशन लेते थे। पुलिस ने इनके पास से मोबाइल, एटीएम कार्ड, पासबुक और नगदी बरामद की है।

पुलिस की अपील: लालच से बचें
साइबर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि टेलीग्राम या व्हाट्सएप पर मिलने वाले ‘हाई रिटर्न’ वाले निवेश प्रस्तावों पर भरोसा न करें। बिना आधिकारिक सत्यापन के किसी भी खाते में पैसा न भेजें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 1930 पर दें।

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