कल मनाई जाएगी मोहिनी एकादशी: शुभ योग में पूजा का विशेष महत्व, जानें मुहूर्त और विधि

ध्रुव योग व मालव्य राजयोग के संयोग में व्रत-पूजन; श्रद्धालुओं के लिए सीमित शुभ समय
धर्म-आस्था। हिंदू पंचांग के अनुसार कल मोहिनी एकादशी मनाई जाएगी, जिसे अत्यंत पुण्यदायी तिथि माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं तथा मानसिक शांति और आध्यात्मिक शक्ति की प्राप्ति होती है। यह एकादशी भगवान विष्णु के मोहिनी अवतार से जुड़ी मानी जाती है।
शुभ योग में बढ़ा महत्व
इस वर्ष मोहिनी एकादशी पर ध्रुव योग और शुक्र के स्वराशि में होने से मालव्य राजयोग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों में किया गया व्रत, पूजा और दान विशेष फलदायी माना जाता है।
पूजा का शुभ मुहूर्त
मोहिनी एकादशी पर पूजा का शुभ समय सुबह 9:02 बजे से 10:40 बजे तक रहेगा। इस अवधि में पूजा करना विशेष लाभकारी माना गया है। श्रद्धालु सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान विष्णु को चंदन, पुष्प, तुलसी दल और भोग अर्पित करते हैं।
समुद्र मंथन से जुड़ी मान्यता
पौराणिक कथा के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान विष्णु ने मोहिनी रूप धारण कर देवताओं को अमृत पिलाया और असुरों से उसकी रक्षा की। इसी घटना के कारण इस एकादशी का विशेष महत्व माना जाता है।
क्या करें इस दिन
धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प, तुलसी दल और फल अर्पित करना शुभ होता है। “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का 108 बार जप करना लाभकारी माना गया है। साथ ही जरूरतमंदों को भोजन व पीले वस्त्र का दान करने और शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा है।




