तेंदुआ धाम में गूंजा सनातन का जयघोष: जगद्गुरु रामभद्राचार्य के सान्निध्य में 50 लोगों ने की ‘घर वापसी’

‘शबरी की निष्ठा’ रामकथा के दौरान आस्था का अनूठा संगम; अपनी जड़ों से पुनः जुड़ने का संकल्प लेकर सनातन संस्कृति में लौटे ग्रामीण
जांजगीर-चांपा। शिवरीनारायण के समीप स्थित ‘श्री राम मिलेंगे आश्रम’ तेंदुआ धाम में चल रही नौ दिवसीय भव्य रामकथा के दौरान सोमवार को एक ऐतिहासिक और भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित विशेष कार्यक्रम में लगभग 50 लोगों ने अपनी पुरानी मान्यताओं को छोड़कर पुनः सनातन संस्कृति को अपनाने का संकल्प लिया।
सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना आयोजन
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में अखिल भारतीय घर वापसी प्रमुख प्रबल प्रताप सिंह जूदेव विशेष रूप से उपस्थित रहे। जूदेव के नेतृत्व में लोगों ने अपने पूर्वजों की जड़ों से फिर से जुड़ने की शपथ ली। इस दौरान पूरा आश्रम परिसर जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा। वक्ताओं ने कहा कि सनातन संस्कृति केवल एक धर्म नहीं, बल्कि जीवन जीने की श्रेष्ठ पद्धति है, जो समाज को एकता और नैतिकता के सूत्र में बांधती है।
शबरी की निष्ठा’ पर केंद्रित है रामकथा
तेंदुआ धाम में 27 अप्रैल से 5 मई तक ‘शबरी की निष्ठा’ विषय पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज की रामकथा का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को यह ‘घर वापसी’ अभियान चलाया गया। जगद्गुरु ने अपने आशीर्वचन में सनातन धर्म की व्यापकता और इसकी सहिष्णुता पर प्रकाश डाला।
दिग्गज हस्तियों की रही उपस्थिति
इस पावन अवसर पर डबरा मठ कोटमी सोनार के महंत सर्वेश्वर दास जी महाराज, प्रसिद्ध समाजसेवी अंजू गबेल और आश्रम के संचालक डॉ. अशोक हरिवंश सहित क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन समिति ने बताया कि यह कार्यक्रम क्षेत्र में सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में एक बड़ा कदम है।




