जाँजगीर -चाँपाभ्रष्टाचार

धान खरीदी घोटाला: तीन उपार्जन केंद्रों में गड़बड़ी, 7 लोगों पर FIR दर्ज

किरीत, बिर्रा और कडारी केंद्रों में धान और बारदाना की भारी कमी, जांच में लाखों की आर्थिक क्षति उजागर

जांजगीर-चांपा। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान जिले के धान उपार्जन केंद्रों में बड़ी अनियमितता सामने आई है। जांच में तीन उपार्जन केंद्रों में धान एवं बारदाना की भारी कमी पाई गई, जिसके बाद कुल 7 लोगों के खिलाफ पुलिस प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

जानकारी के अनुसार जिले की 101 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों के अंतर्गत संचालित 129 धान उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी की गई थी। इनमें से 126 केंद्रों से धान उठाव पूर्ण हो चुका है, जबकि किरीत, बिर्रा और कडारी उपार्जन केंद्रों में धान उठाव शेष होने पर जांच कराई गई। जांच में लाखों रुपये की गड़बड़ी सामने आई।

किरीत केंद्र में 926 क्विंटल से अधिक धान कम मिला
सेवा सहकारी समिति तुलसी अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र किरीत में रिकॉर्ड के अनुसार 1489.60 क्विंटल धान होना था, लेकिन जांच के दौरान केवल 562.92 क्विंटल धान पाया गया। इस प्रकार 926.68 क्विंटल धान कम मिला, जिसकी अनुमानित राशि 28 लाख 72 हजार 708 रुपये बताई गई।

इसके अलावा 1535 नए और 3990 पुराने बारदानों की कमी भी पाई गई, जिसकी राशि 2 लाख 48 हजार 843 रुपये आंकी गई। इस प्रकार कुल 31 लाख 21 हजार 551 रुपये की आर्थिक क्षति का मामला सामने आया। मामले में प्रभारी संस्था प्रबंधक ओमकार पटेल, उपार्जन केंद्र प्रभारी निशिकांत पटेल और हमाल मुकदम दीपक कुमार कश्यप के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।

बिर्रा केंद्र में पूरा धान स्टॉक गायब
सेवा सहकारी समिति बिर्रा अंतर्गत उपार्जन केंद्र बिर्रा में रिकॉर्ड के अनुसार 1347.50 क्विंटल धान होना दर्ज था, लेकिन जांच में धान का स्टॉक शून्य पाया गया। धान की अनुमानित राशि 41 लाख 77 हजार 250 रुपये बताई गई है।

इसके साथ ही 2986 पुराने बारदानों की कमी भी पाई गई, जिसकी राशि 87 हजार 400 रुपये आंकी गई। कुल मिलाकर 42 लाख 64 हजार 650 रुपये की आर्थिक क्षति सामने आई है। इस मामले में प्रभारी संस्था प्रबंधक एवं केंद्र प्रभारी नरेंद्र सिंह ठाकुर और कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक देवांगन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

कडारी केंद्र में भी लाखों की गड़बड़ी
सेवा सहकारी समिति कडारी अंतर्गत धान उपार्जन केंद्र कडारी में रिकॉर्ड के अनुसार 1977.20 क्विंटल धान होना था, लेकिन जांच में केवल 75 क्विंटल धान मिला। इस प्रकार 1902.20 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी राशि 58 लाख 96 हजार 820 रुपये बताई गई।

इसके अलावा 2679 पुराने बारदानों की कमी भी पाई गई, जिसकी राशि 78 हजार 414 रुपये आंकी गई। कुल 59 लाख 75 हजार 234 रुपये की आर्थिक क्षति सामने आई है। मामले में उपार्जन केंद्र प्रभारी अनमोल सिंह और कंप्यूटर ऑपरेटर कुश सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

प्रशासन द्वारा मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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