जाँजगीर -चाँपाधर्म भक्ति

गायत्री परिवार का बड़ा संकल्प: 17 मई को नैला जांजगीर के 108 घरों में होगा निःशुल्क महायज्ञ, ऐसे कराएं पंजीयन

नैला-जांजगीर में भक्ति का महासंगम: 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ की तैयारी

ग्रहे-ग्रहे गायत्री महायज्ञ’ अभियान के तहत निःशुल्क होगा आयोजन; विश्व शांति और सुख-समृद्धि के लिए आहुति देंगे श्रद्धालु

जांजगीर-चांपा। संस्कारधानी नैला-जांजगीर में इस माह भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। गायत्री परिवार द्वारा ‘ग्रहे-ग्रहे गायत्री महायज्ञ’ अभियान के तहत 108 कुंडीय गायत्री महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस विशेष अनुष्ठान के तहत शहर के 108 अलग-अलग घरों में एक साथ यज्ञ कुंड स्थापित किए जाएंगे, जिसकी तैयारियां अब युद्ध स्तर पर शुरू हो गई हैं।

17 मई को घर-घर में होगा देव पूजन
धार्मिक कार्यक्रम के निर्धारित क्रम के अनुसार, 17 मई 2026 को प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक चयनित 108 घरों में एक साथ गायत्री यज्ञ संपन्न कराया जाएगा। गायत्री परिवार ने स्पष्ट किया है कि जो भी श्रद्धालु अपने घर में इस महायज्ञ का सौभाग्य प्राप्त करना चाहते हैं, वे मोबाइल नंबर 77488-15749 पर संपर्क कर अपना नाम दर्ज करा सकते हैं, ताकि समय पर पुजारी और पूजन सामग्री की व्यवस्था की जा सके।

पूरी तरह निःशुल्क है यह ‘पुण्यार्थ कार्य’
गायत्री माता के अनन्य भक्त संतोष बसईवाल और आयोजकों ने बताया कि इस महायज्ञ का उद्देश्य विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि और परिवारों में सुख-समृद्धि लाना है। विशेष बात यह है कि इस आयोजन के लिए परिजनों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यज्ञादि की संपूर्ण व्यवस्था गायत्री परिवार द्वारा निःशुल्क रूप से की जाएगी।

वेदों का सार है गायत्री मंत्र
धर्मप्रेमी शशिभूषण सोनी ने महायज्ञ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गायत्री मंत्र के 24 अक्षर ब्रह्मज्ञान का निचोड़ हैं। ‘धियो योन: प्रचोदयात्’ का भाव हमें सन्मार्ग की ओर ले जाता है। यज्ञ से न केवल वातावरण शुद्ध होता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।

गायत्री परिवार नैला-जांजगीर ने सभी धर्मप्रेमी नागरिकों से इस ऐतिहासिक पुण्य कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है।

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