iPhone चोरी होते ही होगा ऑटो लॉक, WhatsApp में भी आ रहा नया प्राइवेसी फीचर

एप्पल और मेटा कर रहे नए सुरक्षा टूल्स की टेस्टिंग, यूजर्स का डेटा होगा पहले से ज्यादा सुरक्षित
🔴 Aaj Ki Baat News | टेक डेस्क
डिजिटल सुरक्षा और यूजर प्राइवेसी को मजबूत बनाने के लिए दुनिया की प्रमुख टेक कंपनियां लगातार नए फीचर्स विकसित कर रही हैं। हालिया रिपोर्ट्स के अनुसार एप्पल और मेटा अपने लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स के लिए ऐसे उन्नत सुरक्षा फीचर्स की टेस्टिंग कर रहे हैं, जो स्मार्टफोन चोरी, डेटा लीक और निजी जानकारी के दुरुपयोग जैसी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि इन फीचर्स को लेकर अभी तक कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन लीक हुई जानकारियों ने टेक जगत में चर्चा तेज कर दी है।
चोरी या स्नैचिंग पर खुद लॉक हो जाएगा आईफोन
रिपोर्ट्स के मुताबिक एप्पल एक ऐसे सुरक्षा फीचर पर काम कर रहा है, जो आईफोन के चोरी होने या झपट्टा मारकर छीने जाने की स्थिति में स्वतः सक्रिय हो जाएगा। इस फीचर का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अनलॉक फोन चोरी होने पर कोई व्यक्ति उसमें मौजूद बैंकिंग ऐप्स, निजी चैट, फोटो या अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच न बना सके। संदिग्ध गतिविधि का पता चलते ही फोन अपने आप लॉक हो जाएगा, जिससे डेटा सुरक्षित रहेगा।
सेंसर पहचानेंगे असामान्य गतिविधियां
नया एंटी-थेफ्ट सिस्टम फोन में मौजूद विभिन्न सेंसरों और एल्गोरिदम की मदद से काम करेगा। यदि डिवाइस को अचानक तेज झटका दिया जाता है, तेजी से खींचा जाता है या स्नैचिंग जैसी असामान्य स्थिति बनती है, तो सिस्टम उसे संदिग्ध गतिविधि के रूप में पहचान सकता है। ऐसी स्थिति में आईफोन की स्क्रीन तुरंत लॉक हो जाएगी और अनधिकृत व्यक्ति के लिए डिवाइस तक पहुंच मुश्किल हो जाएगी।
WhatsApp में आएगा ‘स्पॉइलर मैसेज’ फीचर
दूसरी ओर, मेटा अपने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म WhatsApp के लिए एक नया ‘स्पॉइलर मैसेज’ फीचर विकसित कर रहा है। इस फीचर के जरिए यूजर किसी संदेश को ब्लर यानी धुंधला करके भेज सकेंगे। रिसीवर को संदेश की सामग्री तब तक दिखाई नहीं देगी, जब तक वह उस ब्लर किए गए हिस्से पर टैप न करे। यह फीचर खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी माना जा रहा है जो सार्वजनिक स्थानों, कार्यालयों या यात्रा के दौरान अपनी निजी बातचीत को दूसरों की नजरों से सुरक्षित रखना चाहते हैं।
डिजिटल सुरक्षा को मिल सकता है नया आयाम
तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ये दोनों फीचर्स स्मार्टफोन सुरक्षा और प्राइवेसी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकते हैं। जहां एप्पल का फीचर हार्डवेयर और सेंसर आधारित सुरक्षा प्रदान करेगा, वहीं WhatsApp का नया टूल व्यक्तिगत संदेशों की गोपनीयता को और मजबूत बनाएगा।
फिलहाल दोनों कंपनियां इन फीचर्स के परीक्षण चरण पर काम कर रही हैं। सफल परीक्षण के बाद इन्हें चरणबद्ध तरीके से यूजर्स के लिए जारी किया जा सकता है।
