कृषि विज्ञान केंद्र में जिला स्तरीय जैविक कृषि कार्यशाला संपन्न, 500 से अधिक किसानों ने लिया भाग

पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल की मौजूदगी में आयोजित कार्यशाला में किसानों को जैविक और प्राकृतिक खेती की तकनीकों की दी गई जानकारी, नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का भी वितरण।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं कृषि महाविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र जांजगीर में जिला स्तरीय एक दिवसीय जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिले भर से आए 500 से अधिक किसानों ने सहभागिता कर जैविक एवं प्राकृतिक खेती से जुड़ी आधुनिक तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ। इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष अंबेश जांगड़े, जिला पंचायत अध्यक्ष सत्यलता आनंद मिरी, संगठन प्रभारी रामदेव कुमावत, किसान मोर्चा प्रदेश प्रवक्ता इंजीनियर रवि पाण्डेय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष गुलाब सिंह चंदेल, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष भुवनेश्वर साहू, जिला पंचायत सदस्य उमा राजेन्द्र राठौर, आशा साव, चुन्नीलाल साहू सहित किसान मोर्चा के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
जैविक खेती को अपनाने किया प्रेरित
मुख्य अतिथि नारायण चंदेल ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि जैविक खेती समय की आवश्यकता है। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है, उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर होती है तथा किसानों को दीर्घकालिक लाभ प्राप्त होता है। उन्होंने किसानों से रासायनिक खेती पर निर्भरता कम कर प्राकृतिक और जैविक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
योजनाओं और तकनीकों की दी जानकारी
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा ने किसानों को विभाग द्वारा संचालित जैविक खेती मिशन एवं नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बीजामृत, जीवामृत, नीमास्त्र, ब्रह्मास्त्र, नील हरित काई, वर्मी कम्पोस्ट एवं कम्पोस्ट खाद निर्माण की प्रक्रिया, उपयोग और लाभों के बारे में विस्तार से बताया।
प्रगतिशील किसान ने साझा किए अनुभव
ग्राम मंहत के प्रगतिशील कृषक आशीष सिंह ने किसानों को जैविक खेती के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने सफेद चंदन एवं विभिन्न फलदार फसलों की खेती से जुड़ी तकनीकी जानकारियां देते हुए जैविक खेती के आर्थिक लाभों पर प्रकाश डाला।
किसानों को मिला निःशुल्क कृषि सामग्री
कार्यक्रम के दौरान 200 से अधिक किसानों को निःशुल्क नैनो डीएपी, नैनो यूरिया तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि पंचांग-2026 का वितरण किया गया कार्यशाला में विशेषज्ञों ने किसानों को टिकाऊ कृषि प्रणाली अपनाने, लागत कम करने और बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के उपायों पर भी मार्गदर्शन दिया।




