खाद वितरण में गड़बड़ी पर कृषि विभाग की बड़ी कार्रवाई, 6 केंद्रों के लाइसेंस निलंबित

निरीक्षण में मिली अनियमितताएं, किसानों को बिल नहीं देने और स्टॉक में गड़बड़ी पर कृषि विभाग ने की कार्रवाई
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को निर्धारित दर पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने जिले में निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में उर्वरक वितरण में अनियमितता पाए जाने पर कृषि विभाग ने पांच निजी कृषि केंद्रों के लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए हैं, जबकि एक केंद्र का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त कर दिया गया है।
निरीक्षण में सामने आई कई खामियां
उप संचालक कृषि राकेश शर्मा के नेतृत्व में जिला एवं विकासखंड स्तरीय उर्वरक निरीक्षकों द्वारा निजी कृषि केंद्रों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। जांच के दौरान पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक और भौतिक स्टॉक में अंतर, किसानों को सत्यापित कैश मेमो जारी नहीं करना, लाइसेंस प्रदर्शित नहीं करना, उर्वरक वितरण रजिस्टर का संधारण नहीं करना तथा मूल्य सूची प्रदर्शित नहीं करने जैसी अनियमितताएं सामने आईं।
इन कृषि केंद्रों के लाइसेंस हुए निलंबित
कारण बताओ नोटिस का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर मेसर्स राजेश ट्रेडर्स नवागढ़, मेसर्स पटेल कृषि केंद्र तुस्मा, मेसर्स रोशन कुमार अग्रवाल पोड़ी, मेसर्स विकास ट्रेडर्स खरौद तथा मेसर्स प्रकाश कृषि केंद्र खरौद के उर्वरक विक्रय लाइसेंस 21 दिनों के लिए निलंबित कर दिए गए हैं।
एक केंद्र का लाइसेंस स्थायी रूप से निरस्त
विकासखंड अकलतरा स्थित मेसर्स अभिषेक एग्रो कटनई के निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। जांच के दौरान पॉस मशीन में दर्ज उर्वरक का भौतिक स्टॉक उपलब्ध नहीं मिला। साथ ही पिछले दो वर्षों से उर्वरक व्यवसाय नहीं किए जाने की भी पुष्टि हुई। उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पर संबंधित केंद्र का लाइसेंस हमेशा के लिए निरस्त कर दिया गया।
किसानों के हित में जारी रहेगा अभियान
कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए निरीक्षण एवं कार्रवाई की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी। विभाग ने सभी विक्रेताओं को नियमों का पालन करने तथा पारदर्शी तरीके से उर्वरक वितरण करने के निर्देश दिए हैं।



