सरस्वती शिशु मंदिर में शाला प्रवेश उत्सव: हरि लीला ट्रस्ट ने भेंट किए वाद्य यंत्र, नवप्रवेशी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

जांजगीर में आयोजित प्रवेश उत्सव में बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत, समाजसेवी संस्था ने संगीत गतिविधियों के लिए सहयोग और विद्यार्थियों को उपहार वितरित किए।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर-चांपा
सरस्वती शिशु मंदिर, नैला-जांजगीर में बुधवार को शाला प्रवेश उत्सव उत्साह और संस्कारपूर्ण वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर अंचल की समाजसेवी संस्था हरि लीला ट्रस्ट, बनारी ने विद्यालय को संगीत गतिविधियों के लिए वाद्य यंत्र भेंट किए तथा बच्चों को उपहार वितरित कर उनका उत्साह बढ़ाया।
संस्कार और लक्ष्य से मिलती है सफलता: अमर सुल्तानिया
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हरि लीला ट्रस्ट के ट्रस्टी एवं भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अमर सुल्तानिया ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि बड़ा बनने के लिए बड़े स्कूल से अधिक बड़े संस्कार और बड़ा लक्ष्य जरूरी होता है। उन्होंने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर शिक्षा के साथ चरित्र निर्माण और राष्ट्रभावना का संस्कार देने वाली संस्था है, जो इसकी सबसे बड़ी पहचान है।

महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेने की सलाह
अपने संबोधन में अमर सुल्तानिया ने विद्यार्थियों से महापुरुषों के संघर्षपूर्ण जीवन से प्रेरणा लेने और निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संस्कार जीवन की सबसे बड़ी पूंजी हैं और ऊंचाइयों तक पहुंचने के बाद भी व्यक्ति को सम्मान उसके संस्कार ही दिलाते हैं। उन्होंने स्वस्थ शरीर को सफलता की आधारशिला बताते हुए बच्चों को नियमित खेल गतिविधियों में भाग लेने की सलाह दी।
शिक्षा के साथ नैतिकता भी जरूरी: मनोज पांडेय
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे मनोज पाण्डेय ने कहा कि शिक्षा के साथ नैतिकता, अनुशासन और सदाचार का भी समान महत्व है। उन्होंने विद्यार्थियों को मेहनत और लगन के बल पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सफलता किसी माध्यम की नहीं बल्कि परिश्रम की पहचान होती है।
बड़ी संख्या में पालक और अतिथि रहे मौजूद
इस अवसर पर संतोष उपाध्याय, कैलाश बसाईवाल, रविंद्र शराफ, प्रकाश शर्मा, गोविंद राम सोनी, श्रीमती बबीता वर्मा और भगवान दास वैष्णव सहित अन्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पालकगण और विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे।





