मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क का किया विमोचन, ‘बस्तर अंजोर’ की शुरुआत

विकसित छत्तीसगढ़ @2047 के लक्ष्य को गति देने के लिए एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क लागू। राज्य स्तर पर 343 और जिला स्तर पर 99 संकेतकों के माध्यम से विकास कार्यों की निगरानी होगी।
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क का विमोचन किया। इस अवसर पर राज्य एवं जिला संकेतक फ्रेमवर्क 2.0, मेटाडेटा हैंडबुक तथा बस्तर संभाग के समग्र एवं परिणामोन्मुख विकास के लिए तैयार की गई ‘बस्तर अंजोर’ पहल का भी शुभारंभ किया गया।
विकसित छत्तीसगढ़ @2047 को मिलेगी नई दिशा
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, सटीक आंकड़े और परिणाम आधारित निगरानी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क शासन को साक्ष्य आधारित नीति निर्माण, बेहतर अंतर-विभागीय समन्वय और योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग का मजबूत आधार प्रदान करेगा।
343 राज्य और 99 जिला संकेतकों से होगी निगरानी
नए एसडीजी 2.0 फ्रेमवर्क के तहत राज्य स्तर पर संकेतकों की संख्या 275 से बढ़ाकर 343 तथा जिला स्तर पर 82 से बढ़ाकर 99 कर दी गई है। मेटाडेटा हैंडबुक के माध्यम से प्रत्येक संकेतक की गणना और रिपोर्टिंग प्रणाली को मानकीकृत किया गया है, जिससे विकास कार्यों की अधिक सटीक और पारदर्शी निगरानी सुनिश्चित होगी।
‘बस्तर अंजोर’ से बस्तर के समग्र विकास पर फोकस
राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने बताया कि ‘बस्तर अंजोर’ अभिसरण आधारित विकास मॉडल है। इसके 3+4 मॉडल के तहत जिला स्तर की तीन प्रमुख पहलों को राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय विकास कार्यक्रमों से जोड़कर शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और अधोसंरचना के क्षेत्र में बेहतर परिणाम प्राप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य बस्तर को देश का अग्रणी विकसित जनजातीय क्षेत्र बनाना है।
वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मंत्रिपरिषद के सदस्य तथा वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।




