न्यूको सीमेंट प्लांट के खिलाफ चार पंचायतों के ग्रामीणों ने खोला मोर्चा, 21 जुलाई को होगा धरना-प्रदर्शन

आरसमेटा, परसदा, अमोरा और सोनसरी के ग्रामीणों ने सीएसआर कार्यों में कमी, ब्लास्टिंग से नुकसान और अन्य समस्याओं को लेकर आंदोलन का ऐलान किया।
🔴 Aaj Ki Baat News | जांजगीर चाम्पा
जांजगीर-चांपा जिले के आरसमेटा स्थित न्यूको सीमेंट प्लांट के खिलाफ क्षेत्र के लोगों का आक्रोश बढ़ता नजर आ रहा है। प्लांट प्रबंधन पर वादों को पूरा नहीं करने और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाते हुए आरसमेटा, परसदा, अमोरा और सोनसरी ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने 21 जुलाई को धरना-प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन और प्लांट प्रबंधन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं, लेकिन अब तक समाधान नहीं निकलने के कारण आंदोलन का निर्णय लिया गया है।
CSR और विकास कार्यों पर सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट के गोद ग्रामों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। उनका कहना है कि सीएसआर (CSR) के तहत मिलने वाली सुविधाएं पर्याप्त नहीं हैं, जिससे गांवों का विकास प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पत्थर खदान में होने वाली ब्लास्टिंग से कई मकानों में दरारें आ गई हैं। साथ ही, पहले उपलब्ध कराई जा रही मेडिकल सुविधा बंद होने से भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बैठकों के बाद भी नहीं निकला समाधान
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के अनुसार, उन्होंने कई बार शासन-प्रशासन और प्लांट प्रबंधन को अपनी समस्याओं से अवगत कराया। प्रशासन ने दोनों पक्षों के बीच बैठक भी कराई, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया। इससे नाराज ग्रामीणों ने 21 जुलाई को आरसमेटा में शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
12 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
आरसमेटा के उपसरपंच सौमित्र सिंह ने बताया कि प्लांट स्थापना के समय हुए समझौते की शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रभावित गांवों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। ग्रामीण पहले 12 सूत्रीय मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना देंगे। यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।





