अटल जी के संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व ने छत्तीसगढ़ को दी नई पहचान : मुख्यमंत्री साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके योगदान को याद किया
🔴 Aaj Ki Baat News | रायपुर
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रविवार को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के विराट व्यक्तित्व, राष्ट्रसेवा और छत्तीसगढ़ निर्माण में उनके ऐतिहासिक योगदान का स्मरण किया। उन्होंने कहा कि अटल जी छत्तीसगढ़ के निर्माता और प्रदेशवासियों की भावनाओं को सम्मान देने वाले महान राष्ट्रनायक थे।
दूरदर्शी नेतृत्व से हुआ छत्तीसगढ़ का निर्माण
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व, दृढ़ संकल्प और संवेदनशील सोच का परिणाम है। उन्होंने इस अंचल की भौगोलिक विशिष्टताओं, विकास की आवश्यकताओं और पृथक राज्य की वर्षों पुरानी जनआकांक्षा को समझा तथा प्रधानमंत्री के रूप में उसे साकार किया मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ को पृथक राज्य के रूप में पहचान दिलाने वाला उनका यह ऐतिहासिक निर्णय प्रदेश के इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा। उन्होंने कहा कि अटल जी का छत्तीसगढ़ से रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि गहरा आत्मीय और भावनात्मक था। छत्तीसगढ़ और यहां के लोगों के प्रति उनके मन में विशेष स्नेह था।
अटल जी से मिले स्नेह और मार्गदर्शन को किया याद
मुख्यमंत्री श्री साय ने अटल जी के साथ अपनी स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि उन्हें स्वयं भी उनका स्नेह, आशीर्वाद और मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य मिला। उनके साथ जुड़ी अनेक आत्मीय स्मृतियां आज भी मन में जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि अटल जी का स्नेह और मार्गदर्शन उनके जीवन की अमूल्य स्मृतियों में है, जो उन्हें जनसेवा के पथ पर निरंतर प्रेरित करता है।
राजनीति में संवेदनशीलता, संवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे अटल जी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। संवेदनशील कवि, प्रखर पत्रकार, ओजस्वी वक्ता और दूरदर्शी राजनेता के रूप में उन्होंने भारतीय जनमानस पर अमिट छाप छोड़ी। उन्होंने कहा कि अटल जी ऐसे सर्वस्वीकार्य राजनेता थे, जिन्हें दलगत सीमाओं से ऊपर उठकर सभी वर्गों का सम्मान और स्नेह प्राप्त हुआ। वैचारिक दृढ़ता के साथ विनम्रता, संवेदनशीलता और संवाद उनके सार्वजनिक जीवन की विशेषता थी। राष्ट्रहित उनके लिए सदैव सर्वोपरि रहा।
गांव, गरीब, किसान और जनजातीय समाज के उत्थान को बनाया आधार
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने सुशासन और अंत्योदय को शासन का आधार बनाकर विकास की ऐसी विरासत स्थापित की, जो आज भी देश को दिशा दे रही है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से गांवों को सड़कों से जोड़ने की ऐतिहासिक पहल ने ग्रामीण भारत के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति दी। किसानों के कल्याण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए उनके द्वारा उठाए गए कदमों का दूरगामी प्रभाव पड़ा।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास को राष्ट्रीय प्राथमिकता देते हुए अटल जी के कार्यकाल में पृथक जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया। यह निर्णय जनजातीय समुदायों के विकास, अधिकारों और आकांक्षाओं के प्रति उनकी संवेदनशीलता का परिचायक था।
अटल जी के सुशासन और अंत्योदय के मार्ग पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी ने जिस छत्तीसगढ़ की आधारशिला रखी, उसे समृद्ध, विकसित और आत्मनिर्भर बनाना सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अटल जी के सुशासन, अंत्योदय और जनकल्याण के मूल्यों को आत्मसात करते हुए प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ आज विकास और सुशासन के नए अध्याय लिख रहा है। सरकार का प्रत्येक प्रयास गांव, गरीब, किसान, युवा, महिला और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को साकार करने की दिशा में केंद्रित है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी का जीवन, विचार और आदर्श नेतृत्व सदैव देश और प्रदेश के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे। छत्तीसगढ़ के निर्माता के रूप में उनका योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके सपनों के अनुरूप समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।




