“छत्तीसगढ़ के कण-कण में बसे हैं महादेव”: भिलाई में शिव महापुराण कथा में सपत्नीक शामिल हुए CM विष्णुदेव साय

चारधाम की तर्ज पर विकसित होंगे प्रदेश के 5 प्रमुख शक्तिपीठ; मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ का पूजन कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की।
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय के साथ भिलाई के जयंती स्टेडियम में आयोजित सात दिवसीय शिव महापुराण कथा के समापन अवसर पर शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने व्यासपीठ का विधि-विधान से पूजन कर भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। उन्होंने कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा का छत्तीसगढ़ की पावन धरा पर अभिनंदन करते हुए कहा कि इस्पात नगरी में लगातार तीसरी बार इस महापुराण का आयोजन क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था का प्रतीक है।

चारों दिशाओं में प्राचीन शिवधामों की महिमा विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान शिव और आदिशक्ति की पावन भूमि है। रायपुर के हटकेश्वर, कबीरधाम के भोरमदेव, राजिम के कुलेश्वर, चम्पारण के चम्पेश्वर, गरियाबंद के भूतेश्वर, सिरपुर के गंधेश्वर और जशपुर के मधेश्वर महादेव प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के जीवंत केंद्र हैं। देवाधिदेव महादेव के आशीर्वाद से ही प्रदेश विकास और खुशहाली के पथ पर निरंतर अग्रसर है।
चारधाम की तर्ज पर विकसित होंगे 5 शक्तिपीठ मुख्यमंत्री ने धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के सरकारी प्रयासों को साझा करते हुए बताया कि सूरजपुर की कुदरगढ़ी माता, चंद्रपुर की मां चंद्रहासिनी, रतनपुर की मां महामाया, डोंगरगढ़ की मां बम्लेश्वरी और दंतेवाड़ा की मां दंतेश्वरी शक्तिपीठों को चारधाम की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है। इस योजना से श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी और छत्तीसगढ़ में आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान मिलेगी।
तीर्थ दर्शन और रामलला दर्शन योजना की उपलब्धि श्री साय ने कहा कि सरकार की ‘श्री रामलला अयोध्या धाम दर्शन योजना’ के तहत अब तक राज्य के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इसके साथ ही ‘मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’ को भी दोबारा शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेशवासियों को देश के 19 प्रमुख तीर्थ स्थलों के सुगम दर्शन का अवसर दिया जा रहा है।




