“राखी से पहले मिला विष्णु भैया का तोहफा”: महतारी वंदन की 30वीं किस्त मिलते ही खिल उठे सुनीता के चेहरे

जांजगीर-चांपा के ग्राम रसौटा की लाभार्थी ने जताया आभार; बोलीं—हर माह मिलने वाले 1000 रुपये से पूरी हो रही बच्चों की पढ़ाई और घर की जरूरतें।
जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी ‘महतारी वंदन योजना’ ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के लिए नियमित आर्थिक संबल और आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार बन चुकी है। रक्षाबंधन के पावन पर्व से ठीक पहले योजना की 30वीं किस्त की राशि सीधे बैंक खातों में अंतरित होने से जिले की महिलाओं में खासा उत्साह है। प्रतिमाह मिलने वाली 1000 रुपये की यह सहायता राशि महिलाओं को परिवार के रोजमर्रा के खर्चों और जरूरतों को पूरा करने में सक्षम बना रही है।
त्योहार से पहले खाते में आई खुशियां
बलौदा विकासखंड के ग्राम रसौटा की निवासी श्रीमती सुनीता अनंत के खाते में जब 30वीं किस्त की राशि पहुंची, तो उनके चेहरे पर संतोष और खुशी साफ झलकने लगी। सुनीता ने इसे रक्षाबंधन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की तरफ से प्रदेश की बहनों को मिला खास उपहार बताया।
बच्चों की पढ़ाई और आकस्मिक खर्चों में सहारा
श्रीमती सुनीता अनंत ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए कठिन समय में भरोसेमंद सहारा साबित होती है। उन्होंने कहा कि हर महीने खाते में आने वाले 1000 रुपये से वे अपनी निजी जरूरतों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई-लिखाई और गृहस्थी के जरूरी खर्च आसानी से निपटा लेती हैं। पर्व के ठीक पहले मिली इस राशि से घर के कई जरूरी काम बिना किसी आर्थिक तंगी के पूरे हो सकेंगे।
सशक्त और आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं
राज्य सरकार द्वारा समय पर किस्त जारी किए जाने से सुनीता अनंत जैसी जिले और प्रदेश की लाखों महिलाएं अब आर्थिक रूप से मजबूत हो रही हैं। यह योजना न केवल महिलाओं को घरेलू खर्चों में हाथ बंटाने का आत्मविश्वास दे रही है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मनिर्भर बनाकर सशक्त भी कर रही है।




