तलवार से हत्या करने वाले आरोपी को दो बार आजीवन कारावास, जांजगीर कोर्ट का बड़ा फैसला

गणेशराम बर्मन हत्याकांड में अशोक धीवर दोषी, हत्या और आयुध अधिनियम में 10-10 हजार रुपए अर्थदंड
🔴 जांजगीर चाम्पा। 09 सितंबर 2026। मुलमुला थाना क्षेत्र के ग्राम कोसा में तलवार से हमला कर गणेशराम बर्मन की हत्या करने के मामले में न्यायालय ने आरोपी अशोक कुमार धीवर को दो अलग-अलग अपराधों में आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। माननीय सेशन जज जयदीप गर्ग, जांजगीर ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 के तहत भी आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया है।
खाना खाकर लौट रहे गणेशराम पर हमला
17 जनवरी 2024 को घनाराम बर्मन ने मुलमुला थाने में सूचना दी थी कि उसका रिश्ते का भतीजा गणेशराम बर्मन गांव के राजू बर्मन के घर से खाना खाकर लौट रहा था। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला अशोक धीवर हाथ में तलवार लेकर सड़क पर खड़ा था। उसने गणेशराम को दौड़ाकर सिर पर तलवार से वार किया। इसके बाद उसने कई बार तलवार से हमला किया, जिससे गणेशराम की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने अकाल एवं आकस्मिक मृत्यु की सूचना तथा देहाती नालसी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। बाद में थाना मुलमुला में नंबरी मर्ग क्रमांक 4/24 पंजीबद्ध किया गया। घटनास्थल का निरीक्षण कर नक्शा तैयार किया गया और मृतक के शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पामगढ़ भेजा गया। पोस्टमार्टम में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक पाई गई।
तलवार और खून लगे कपड़े जब्त
विवेचना के दौरान आरोपी अशोक धीवर के पेश करने पर हत्या में इस्तेमाल लोहे की तलवार और घटना के समय पहने गए खून लगे कपड़े जब्त किए गए। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया। मर्ग जांच और अन्य कार्रवाई के बाद थाना मुलमुला में अपराध क्रमांक 31/24 के तहत भारतीय दंड संहिता की धारा 302 में अपराध दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने के बाद अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
15 साक्षियों के बयान के बाद फैसला
प्रकरण में अभियोजन की ओर से कुल 15 साक्षियों के बयान कराए गए। अभियोजन ने न्यायालय के समक्ष तर्क रखा कि आरोपी द्वारा लोहे की तलवार से प्राणघातक हमला कर गणेशराम बर्मन की हत्या करने का अपराध प्रमाणित हुआ है और उसे कठोर दंड दिया जाना चाहिए। संपूर्ण साक्ष्यों और न्यायालयीन कथनों के विश्लेषण के बाद सेशन जज जयदीप गर्ग ने आरोपी अशोक कुमार धीवर पिता स्वर्गीय मोतीलाल धीवर, उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम कोसा, थाना मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा को दोषी ठहराया। न्यायालय ने धारा 302 भारतीय दंड संहिता में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड तथा आयुध अधिनियम की धारा 27 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
अर्थदंड की राशि अदा नहीं करने पर दोनों मामलों में 6-6 माह का सश्रम कारावास पृथक से भुगतने का आदेश दिया गया है। प्रकरण में अभियोजन की ओर से लोक अभियोजक संदीप सिंह बनाफर ने पैरवी की।




