संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने पर राहुल गांधी देश और चुनाव आयोग से माफी मांगें: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से कांग्रेस का झूठ हुआ बेनकाब; सीएम बोले— हार की बौखलाहट में संवैधानिक संस्थाओं पर कीचड़ उछाल रहा विपक्ष

🔴 आज की बात News | रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर कड़ा प्रहार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 100 बार चुनाव हार चुके राहुल गांधी अब भारी हताशा और बौखलाहट में लगातार देशद्रोही आचरण पर उतारू हो गए हैं। उनकी अगुवाई में कांग्रेस देश की तमाम संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम करने, झूठ व फरेब की राजनीति फैलाने और भारत की वैश्विक साख को नुकसान पहुंचाने का षड्यंत्र रच रही है। श्री साय रविवार को कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
चुनाव आयोग के संयुक्त बयान ने झूठ की हवा निकाली
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त द्वय डॉ. एस. एस. संधू एवं डॉ. विवेक जोशी के संयुक्त बयान से कांग्रेस और इंडी गठबंधन के झूठ का पूरी तरह पर्दाफाश हो गया है। चुनाव आयोग में मतभेद के दावे पूरी तरह खोखले और मनगढ़ंत थे। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) सहित सभी महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए हैं। देश के सर्वोच्च न्यायालय ने भी 27 मई, 2026 को इस पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः वैध ठहराया है। इसके बावजूद विपक्ष द्वारा चुनाव आयोग जैसी निष्पक्ष संस्था पर सवाल उठाना उसकी लोकतांत्रिक मर्यादाओं से दूरी को दर्शाता है।
अंग्रेजी अखबार की खबर को बताया कोरी कल्पना
सीएम साय ने कहा कि कैबिनेट सचिव को लिखे पत्र को लेकर प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह भ्रामक है। वह पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से नहीं, बल्कि सामान्य प्रशासनिक व्यवस्था से संबंधित था। चुनाव आयोग सीधे देश के राष्ट्रपति के प्रति जवाबदेह है, इसलिए कैबिनेट सचिव को किसी नीतिगत मामले में पत्र लिखने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा फॉर्म-6 घोषणापत्र सहित अन्य विषयों पर मुहर लगाने के बाद भी कांग्रेस का अनर्गल प्रलाप जारी है।
‘जिस थाली में खाते हैं, उसी में छेद करती है कांग्रेस’

मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के दोहरे चरित्र पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस एक आदतन अपराधी की तरह व्यवहार कर रही है। जब ईवीएम से चुनाव जीतते हैं तो जश्न मनाते हैं और हारते ही उसे ‘ब्लैक बॉक्स’ करार देकर संस्थाओं पर ठीकरा फोड़ते हैं। आज राहुल गांधी खुद उसी ईवीएम से जीतकर सांसद बने हैं। देश भर में कांग्रेस के 99 सांसद और 600 से अधिक विधायक हैं, जो इसी चुनावी व्यवस्था से चुनकर आए हैं।

श्री साय ने सवाल उठाया कि छत्तीसगढ़ में 2018 में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिला था और आज भी विधानसभा में कांग्रेस के 35 विधायक हैं। क्या वे सभी यह मानते हैं कि उनका निर्वाचन गलत प्रक्रिया से हुआ है? अगर हां, तो क्या उन्हें अपने पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार है?
वैश्विक मंचों पर देश को नीचा दिखाने का आरोप
सीएम ने कहा कि राहुल गांधी ने विदेशी दौरों पर न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर सवाल उठाए और सेना के शौर्य यानी सर्जिकल स्ट्राइक को ‘खून की दलाली’ तक कहा। देश की जनता अब उनके इस रवैये को पूरी तरह समझ चुकी है। चुनाव आयोग के स्पष्टीकरण के बाद राहुल गांधी और कांग्रेस नेतृत्व को देश व निर्वाचन आयोग से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए।
पत्रकार वार्ता में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पांडेय, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, डॉ. नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज एवं प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही उपस्थित रहे।





