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जांजगीर-चांपा पुलिस की ऐतिहासिक उपलब्धि: ‘एक राखी साइबर जागृति’ अभियान ने जीता राज्य स्तरीय पुरस्कार

महज एक घंटे में 1.65 लाख नागरिकों को बांधी गई थी सुरक्षा की राखी; नवाचार श्रेणी में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृहमंत्री विजय शर्मा ने किया सम्मानित

🔴 आज की बात News | जांजगीर-चांपा। जांजगीर-चांपा जिला पुलिस ने नवाचार और कम्युनिटी पुलिसिंग के क्षेत्र में पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान बनाई है। पुलिस विभाग द्वारा जन-जागरूकता के लिए संचालित किए गए विशेष अभियान ‘एक राखी साइबर जागृति’ को नवाचार (इनोवेशन) श्रेणी में प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजा गया है। राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित गरिमामय समारोह में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उपमुख्यमंत्री व गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने यह पुरस्कार प्रदान किया। जांजगीर-चांपा पुलिस की ओर से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क ने मंच पर यह सम्मान ग्रहण किया।

महज 60 मिनट में 1 लाख 65 हजार लोगों तक पहुंचा संदेश

पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के मार्गदर्शन में यह अभियान 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक पूरे जिले में व्यापक स्तर पर चलाया गया था। इस अभियान के तहत 27 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन के अवसर पर एक अनोखा कीर्तिमान रचा गया। जिले भर में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और शिक्षण संस्थानों के सहयोग से महज एक घंटे के भीतर 1,65,000 लोगों को ‘साइबर जागरूकता की राखी’ बांधी। पारंपरिक त्योहार के जरिए डिजिटल सुरक्षा का संदेश सीधे जन-जन तक पहुंचाने के इस अनूठे मॉडल ने पूरे प्रदेश का ध्यान आकर्षित किया।

त्योहार की परंपरा को बनाया डिजिटल सुरक्षा का ढाल

आधुनिक समय में बढ़ते साइबर फ्रॉड, बैंक खाता क्लोनिंग, ओटीपी धोखाधड़ी और फर्जी कॉल्स से आम जनता को सुरक्षित रखने के लिए यह अभियान तैयार किया गया था। रक्षाबंधन के पावन पर्व को साइबर सुरक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए बहनों और भाइयों को डिजिटल रूप से सतर्क रहने का संदेश दिया गया। अभियान के दौरान जिले के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर शहरी क्षेत्रों तक स्कूलों, कॉलेजों, बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों और चौक-चौराहों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों को बताया गया कि कैसे वे अनजान लिंक्स, संदिग्ध कॉल्स और लुभावने प्रलोभनों से खुद को और अपने परिवार को ठगी का शिकार होने से बचा सकते हैं।

सामुदायिक पुलिसिंग की मिसाल बनी जांजगीर पुलिस

राज्य स्तर पर मिले इस सम्मान को जांजगीर-चांपा पुलिस की सक्रिय और जन-हितैषी पुलिसिंग का बड़ा परिणाम माना जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, अपराध की रोकथाम केवल एफआईआर और गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराध घटित होने से पहले जनता को सतर्क करना सबसे प्रभावी तरीका है।

इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय ने जिले के समस्त नागरिकों, पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान पूरी टीम की मेहनत और जनता की सक्रिय सहभागिता का फल है।

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