
भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र ने ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। विक्रम-1 की सफल लॉन्चिंग के बाद प्रधानमंत्री ने स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों और पूरी टीम को फोन कर बधाई दी।
🔴 Aaj Ki Baat News | नई दिल्ली
भारत ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रच दिया है। निजी स्पेस कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट का श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (SDSC-SHAR) से सफल प्रक्षेपण किया गया। इस उपलब्धि को भारत के निजी अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। विक्रम-1 की सफलता के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्काईरूट एयरोस्पेस के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पवन कुमार चंदना, सह-संस्थापक नागा भरत डाका तथा पूरी टीम से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी।
प्रधानमंत्री ने कहा, “पूरी टीम को बहुत-बहुत बधाई। आपने भारत को गौरवान्वित किया है। आपने अंतरिक्ष में केवल भारत की आकांक्षाओं को ही नहीं पहुंचाया, बल्कि देश के युवाओं के सपनों को भी नई उड़ान दी है। आपकी टीम ने भारतीय युवाओं पर मेरे विश्वास को और मजबूत किया है।”
स्काईरूट एयरोस्पेस के संस्थापकों ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह मिशन भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इस सफलता से देश के स्पेस स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति मिलेगी और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
निजी स्पेस सेक्टर के लिए बड़ी उपलब्धि
विक्रम-1 मिशन की सफलता भारतीय निजी अंतरिक्ष उद्योग की बढ़ती क्षमता और तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक मानी जा रही है। इस उपलब्धि से वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की उपस्थिति और मजबूत होने की उम्मीद है तथा निजी क्षेत्र के लिए नए अवसरों का मार्ग भी प्रशस्त होगा।





