LPG सिलेंडर फिर हुआ महंगा, 29 रुपए बढ़े दाम; तीन महीने में 89 रुपए की बढ़ोतरी

घरेलू बजट पर बढ़ेगा असर; अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती ऊर्जा कीमतों को माना जा रहा प्रमुख कारण।
🔴 Aaj Ki Baat News | नई दिल्ली
देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 7 जून से लागू हो गई हैं।
कीमतों में वृद्धि के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर का दाम 913 रुपए से बढ़कर 942 रुपए हो गया है। इससे पहले मार्च महीने में भी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे।
तीन महीने में 89 रुपए बढ़े दाम
घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में यह तीन महीने के भीतर दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। 7 मार्च को सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की वृद्धि की गई थी। जून में 29 रुपए और बढ़ने के बाद कुल बढ़ोतरी 89 रुपए तक पहुंच गई है। लगातार बढ़ती कीमतों से आम परिवारों के मासिक बजट पर अतिरिक्त दबाव पड़ने की आशंका है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
विशेषज्ञों के अनुसार वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती कीमतों का असर घरेलू एलपीजी दरों पर भी दिखाई दे रहा है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के चलते ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
तेल कंपनियों पर बढ़ा आर्थिक दबाव
उद्योग से जुड़े सूत्रों के अनुसार हालिया संशोधन से पहले सरकारी तेल विपणन कंपनियों को प्रत्येक घरेलू सिलेंडर पर नुकसान उठाना पड़ रहा था। बढ़ती लागत और आयात खर्च के कारण कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा, जिसके चलते कीमतों में संशोधन किया गया।
कमर्शियल सिलेंडर भी पहले हो चुका है महंगा
घरेलू गैस सिलेंडर से पहले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी वृद्धि की जा चुकी है। जून की शुरुआत में कमर्शियल सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। इसके अलावा छोटे सिलेंडरों की कीमतों में भी समय-समय पर संशोधन किया गया है।
सरकार ने सप्लाई को बताया सामान्य
कीमतों में बढ़ोतरी के बीच केंद्र सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर भरोसा दिलाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय का कहना है कि देशभर में गैस की उपलब्धता सामान्य बनी हुई है और किसी भी क्षेत्र में सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है। सभी एजेंसियों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जा रहा है।
कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार
सरकार के अनुसार देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का पर्याप्त भंडार मौजूद है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से कार्य कर रही हैं तथा घरेलू एलपीजी उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
मध्यम वर्ग पर बढ़ेगा बोझ
महंगाई के दौर में रसोई गैस की बढ़ती कीमतें मध्यम वर्ग और आम परिवारों के लिए चिंता का विषय बन सकती हैं। घरेलू खर्च में बढ़ोतरी के साथ अब उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि आने वाले समय में गैस सिलेंडर की कीमतें स्थिर रहती हैं या फिर और बढ़ोतरी होती है।




