
कोलकाता 10 अप्रैल, 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज भारतीय जनता पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया। बीजेपी ने इस बार अपने संकल्प पत्र को भरोसा पत्र’ का नाम दिया है। कोलकाता में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में शाह ने एलान किया कि यह दस्तावेज बंगाल को टीएमसी के ‘कुशासन’ से मुक्त कर ‘सोनार बंगला’ बनाने का रोडमैप है।
शाह के ‘भरोसा पत्र’ की बड़ी घोषणाएँ:
आर्थिक सहायता: बेरोजगार युवाओं और परिवार की महिला मुखियाओं को हर महीने 3,000 रुपये की सीधी वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- UCC का एलान: अमित शाह ने वादा किया कि सत्ता में आने के मात्र 6 महीने के भीतर बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू कर दी जाएगी।
- रोजगार का वादा: अगले 5 वर्षों में राज्य के 1 करोड़ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर दिए जाएंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए 15,000 रुपये की एकमुश्त मदद मिलेगी।
- कर्मचारियों को तोहफा: सरकार गठन के 45 दिनों के भीतर 7वां वेतन आयोग लागू होगा और DA का सारा बकाया चुकाया जाएगा।
- महिला सुरक्षा व आरक्षण: पुलिस सहित सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 33% आरक्षण दिया जाएगा।
- भ्रष्टाचार पर प्रहार: पिछले 15 वर्षों के भ्रष्टाचार और हिंसा की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में आयोग बनेगा। शाह ने कहा, “भ्रष्टाचारियों को पाताल से भी खोजकर जेल भेजेंगे।”
- घुसपैठ पर रोक: सीमा पर ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ की सख्त नीति लागू होगी ताकि अवैध घुसपैठ को पूरी तरह खत्म किया जा सके।
“बंगाल का मुख्यमंत्री भूमिपुत्र ही होगा”
घोषणा पत्र जारी करते हुए अमित शाह ने एक बड़ा राजनीतिक संदेश दिया। उन्होंने कहा, “मैं बंगाल की जनता को विश्वास दिलाता हूँ कि बीजेपी की सरकार बनने पर राज्य का मुख्यमंत्री कोई भूमिपुत्र (बंगाली) ही होगा। यह संकल्प पत्र बंगाल की काली रात्रि को समाप्त करने का सूर्योदय है।”
श्वेत पत्र और सुधार
शाह ने घोषणा की कि बीजेपी सरकार बनते ही तीन विषयों—भ्रष्टाचार, राजनीतिक हिंसा और कानून-व्यवस्था पर ‘श्वेत पत्र’ जारी करेगी, ताकि जनता के सामने टीएमसी शासन की असलियत आ सके। साथ ही, उत्तर बंगाल के विकास के लिए वहाँ AIIMS, IIT और IIM जैसे संस्थान खोलने का भी वादा किया गया है।




