सोनारपुर में अभिषेक बनर्जी पर हमला, फेंके अंडे, फटे कपड़े; ‘चोर-चोर’ के नारों से गूंजा इलाका

सत्ता परिवर्तन के बाद दक्षिण 24 परगना में हिंसा पीड़ितों से मिलने पहुंचे टीएमसी महासचिव को जनता के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा
सोनारपुर: पश्चिम बंगाल में सत्ता बदलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शीर्ष नेतृत्व की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कभी राज्य में सबसे ताकतवर माने जाने वाले टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को आज अपने ही गढ़ में अभूतपूर्व विरोध और हमले का सामना करना पड़ा है।
दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में चुनाव बाद हुई हिंसा के पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे अभिषेक बनर्जी पर स्थानीय निवासियों और उग्र भीड़ ने हमला कर दिया। देखते ही देखते हालात इतने बेकाबू हो गए कि मौके पर भारी भगदड़ मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही अभिषेक बनर्जी का काफिला प्रभावित इलाके में पहुंचा, वहां पहले से मौजूद आक्रोशित लोगों और महिलाओं ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। भीड़ ने पिछले शासनकाल के कथित घोटालों को लेकर ‘चोर-चोर’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।
इस उग्र विरोध के दौरान भीड़ की तरफ से अभिषेक बनर्जी पर ताबड़तोड़ अंडे फेंके गए। सुरक्षा घेरा तोड़कर कुछ प्रदर्शनकारी उनके बेहद करीब पहुंच गए, जिससे हुई धक्का-मुक्की में टीएमसी सांसद के कपड़े तक फट गए। स्थानीय लोगों का आरोप था कि सिंडिकेट राज के दौरान उनकी सुध लेने कोई नहीं आया और अब राजनीतिक जमीन खिसकने पर यहाँ राजनीति चमकाई जा रही है।
हमले के बाद मीडिया से बात करते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा, “यह सब बीजेपी स्पॉन्सर्ड है। आप देखिए इन्होंने क्या हाल किया है, यह इनका लोकतंत्र का नमूना है। सरकार बने एक महीना नहीं हुआ और पुलिस कहीं नहीं है। किसी ने मुझे पीछे से मारा, पुलिस को बार-बार बोलने के बाद भी कुछ नहीं हुआ।”
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हाल ही में सुवेंदु अधिकारी सरकार को खुला चैलेंज देने वाले अभिषेक बनर्जी के लिए यह जमीनी हकीकत बेहद परेशान करने वाली है। एक तरफ जहां राज्य की नई सरकार प्रशासनिक शिकंजा कस रही है, वहीं जमीन पर जनता का यह उग्र रुख टीएमसी के मनोबल को तोड़ने वाला है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।




