
नई दिल्ली। जनता दल यूनाईटेड (JDU) के दिग्गज नेता और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह एक बार फिर उच्च सदन के सदस्य बन गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में मनोनीत किया है। गौरतलब है कि उनका पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद अब वे अपनी तीसरी पारी की शुरुआत करेंगे।
2032 तक उच्च सदन में रहेंगे हरिवंश
गृह मंत्रालय द्वारा प्रकाशित गजट के अनुसार, राष्ट्रपति ने एक सांसद का कार्यकाल खत्म होने से खाली हुई सीट पर हरिवंश नारायण सिंह को मनोनीत किया है। उनका यह नया कार्यकाल वर्ष 2032 तक चलेगा।
पत्रकारिता से राजनीति का सफर
प्रख्यात पत्रकार के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले हरिवंश को अप्रैल 2014 में जदयू ने पहली बार बिहार से राज्यसभा भेजा था। नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले हरिवंश ने अपनी कार्यशैली से सदन में एक विशिष्ट पहचान बनाई है:
- 2014: पहली बार राज्यसभा सांसद बने।
- 2018: 9 अगस्त को पहली बार राज्यसभा के उपसभापति निर्वाचित हुए।
- 2020: 14 सितंबर को दूसरी बार निर्विरोध उपसभापति चुने गए।
नीतीश कुमार के भरोसेमंद साथी
हरिवंश नारायण सिंह का मनोनीत होना जेडीयू और नीतीश कुमार के लिए बड़ी राजनीतिक जीत माना जा रहा है। उपसभापति के रूप में उनके अनुभव और निष्पक्षता को देखते हुए उन्हें फिर से यह जिम्मेदारी मिलना तय माना जा रहा था। अब 2032 तक वे उच्च सदन में पार्टी और सदन की गरिमा को आगे बढ़ाएंगे।





