
नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) के लोकसभा में गिरने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्र के नाम संबोधन दिया। भावुक और आक्रामक स्वर में दिए गए इस भाषण में पीएम ने जहाँ एक ओर महिलाओं से माफी मांगी, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की ‘एंटी-रिफॉर्म’ मानसिकता पर सीधा प्रहार किया।
1. महिलाओं से मांगी क्षमा
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत माफी के साथ की। उन्होंने कहा, “भरसक प्रयासों के बावजूद हम सफल नहीं हो पाए और नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन नहीं हो पाया। इसके लिए मैं सभी माताओं-बहनों से क्षमा प्रार्थी हूं।”
2. विपक्ष की ‘भ्रूण हत्या’ वाली मानसिकता
पीएम मोदी ने कांग्रेस, टीएमसी, सपा और डीएमके पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इन दलों ने सदन में इस ईमानदार प्रयास की ‘भ्रूण हत्या’ कर दी है। उन्होंने इन दलों को ‘देश का अपराधी’ और ‘नारी शक्ति का गुनहगार’ बताया।
3. ‘मेजों की थाप नहीं, स्वाभिमान पर प्रहार’
संसद में बिल गिरने के बाद विपक्षी दलों द्वारा तालियां बजाने और मेजें थपथपाने पर पीएम ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह केवल जश्न नहीं था, बल्कि नारी के स्वाभिमान पर प्रहार था। उन्होंने चेतावनी दी कि “नारी अपना अपमान कभी नहीं भूलती।”
4. 2029 के सपनों पर पानी फेरा
पीएम ने स्पष्ट किया कि यह संशोधन किसी से कुछ छीनने के लिए नहीं, बल्कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले महिलाओं को उनका 40 साल से अटका हक देने का ‘महायज्ञ’ था, जिसे विपक्ष ने रोक दिया।
5. परिवारवाद और असुरक्षा का डर
प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि इन परिवारवादी पार्टियों को डर है कि यदि सामान्य घरों की महिलाएं सशक्त होकर सदन में आएंगी, तो इनका नेतृत्व खतरे में पड़ जाएगा। “ये कभी नहीं चाहेंगे कि इनके परिवार के बाहर की महिलाएं आगे बढ़ें।”
6. परिसीमन (Delimitation) पर फैलाया गया झूठ
विपक्ष के उस तर्क को पीएम ने खारिज किया जिसमें कहा गया कि परिसीमन से राज्यों को नुकसान होगा। उन्होंने साफ किया कि किसी भी राज्य की भागीदारी कम नहीं होगी, बल्कि सभी राज्यों की सीटें समान अनुपात में बढ़ेंगी।
7. कांग्रेस: ‘एंटी-रिफॉर्म’ का चेहरा
पीएम ने कांग्रेस की लंबी सूची गिनाते हुए उन्हें हर बड़े सुधार का विरोधी बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने जनधन, आधार, जीएसटी, ट्रिपल तलाक कानून, आर्टिकल 370 और यूसीसी (UCC) जैसे हर उस कदम का विरोध किया जिससे देश मजबूत होता है।
8. ‘लटकाना, अटकाना और भटकाना’
कांग्रेस के वर्क कल्चर पर प्रहार करते हुए पीएम ने कहा कि सीमा विवाद हो या ओबीसी (OBC) आरक्षण, या फिर सैनिकों के लिए ‘वन रैंक वन पेंशन’—कांग्रेस ने हर विषय को दशकों तक लटकाए रखा।

9. राजनीतिक षड्यंत्र का आरोप
पीएम ने कहा कि कांग्रेस खुद तो वजूद खो चुकी है, लेकिन वह परजीवी की तरह क्षेत्रीय दलों पर सवार है। उसने इस बिल का विरोध करवाकर क्षेत्रीय दलों के भविष्य को भी अंधकार में धकेल दिया है।
10. संकल्प अभी बाकी है: ‘हम रुकेंगे नहीं’
अंत में हुंकार भरते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज भले ही हमारे पास 66% वोट नहीं था, लेकिन 100% नारी शक्ति का आशीर्वाद हमारे साथ है। हमारा हौसला बुलंद है और हम महिला आरक्षण के रास्ते की हर रुकावट को खत्म करके रहेंगे।”




