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सियासी घमासान: पीएम मोदी को ‘आतंकवादी’ बताने पर खड़गे के खिलाफ भाजपा का हल्लाबोल, माफी की मांग

संबित पात्रा से लेकर अन्नामलाई और शिवराज तक बरसे; कहा “हार की हताशा में गालियों की राजनीति पर उतरी कांग्रेस”

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2026 के बीच देश की राजनीति उस वक्त और गरमा गई जब कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर दी। खड़गे द्वारा पीएम मोदी को “आतंकवादी” कहे जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चौतरफा मोर्चा खोल दिया है। भाजपा नेताओं ने इसे न केवल प्रधानमंत्री का, बल्कि देश की जनता का अपमान बताते हुए खड़गे से सार्वजनिक माफी की मांग की है।

“यह राहुल गांधी की सोची-समझी साजिश”— संबित पात्रा
भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने खड़गे के बयान को निंदनीय बताते हुए कहा कि यह महज जुबान फिसलने का मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया, “यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। राहुल गांधी के इशारे पर खड़गे ने प्रधानमंत्री को आतंकवादी कहा है। यह वही पार्टी है जो ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा-जी’ कहती है और आज देश के प्रधान सेवक के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रही है।”

दिग्गज नेताओं ने घेरा: “बेनकाब हुई जहरीली मानसिकता”
भाजपा के तमाम बड़े नेताओं ने सोशल मीडिया और बयानों के जरिए कांग्रेस को आड़े हाथों लिया:
के. अन्नामलाई: “एक वरिष्ठ राजनेता का इतनी घटिया भाषा का इस्तेमाल करना दुर्भाग्यपूर्ण है। वे पद की गरिमा को कम कर रहे हैं।”
बी.एस. येदियुरप्पा: “इस बयान ने कांग्रेस की सड़ी हुई और जहरीली मानसिकता को बेनकाब कर दिया है। यह उन करोड़ों भारतीयों का अपमान है जो मोदी जी के साथ खड़े हैं।”
शिवराज सिंह चौहान: “विपक्ष के पास न नीति है और न इरादा, उनके पास सिर्फ निराशा बची है। कांग्रेस ने रचनात्मक बहस छोड़कर ‘गालियों की राजनीति’ अपना ली है।”
पीयूष गोयल: “मुझे शर्म आती है कि कांग्रेस और DMK इतनी नीचे गिर गई हैं। राहुल गांधी और एम.के. स्टालिन को देश से माफी मांगनी चाहिए।”

हताशा में गिरता राजनीतिक स्तर
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी और भाजपा नेता अमित मालवीय ने भी खड़गे पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, इसलिए वह व्यक्तिगत हमलों पर उतर आई है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी हार मान ली है, जिसकी हताशा उनके बयानों में साफ झलक रही है।
हालांकि, विवाद बढ़ता देख खड़गे ने अपने बयान पर सफाई देने की कोशिश की है, लेकिन भाजपा इसे ‘लोकतंत्र का अपमान’ बताकर देशव्यापी मुद्दा बनाने की तैयारी में है।

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