धर्म भक्तिपॉलिटिक्स

बंगाल में सत्ता परिवर्तन का असर: आसनसोल में वर्षों से बंद ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर के खुले कपाट, गूंजे शंख और जयकारे

BJP की ‘क्लीन स्वीप’ के बाद बास्टिन बाजार में जश्न, स्थानीय लोगों ने विवादित मंदिर को खोलकर की विशेष पूजा-अर्चना

आसनसोल/कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक दिशा बदलने के साथ-साथ सामाजिक स्तर पर भी बड़े बदलावों के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। आसनसोल के प्रसिद्ध बास्टिन बाजार इलाके से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहाँ बरसों से विवादों के चलते बंद पड़ा एक ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर भाजपा की जीत की खबर मिलते ही खोल दिया गया है।

सिर्फ विशेष पर्वों पर खुलता था मंदिर
बास्टिन बाजार का यह मंदिर लंबे समय से स्थानीय और कानूनी विवादों में उलझा हुआ था। स्थिति यह थी कि मंदिर के कपाट साल भर बंद रहते थे और केवल वार्षिक दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा के दौरान ही कुछ समय के लिए खोले जाते थे। स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए यह मंदिर आस्था का बड़ा केंद्र रहा है, लेकिन विवादों के कारण दैनिक पूजा-अर्चना बंद थी।

चुनावी नतीजों के बाद ‘आस्था की जीत’
जैसे ही पश्चिम बर्धमान जिले की सभी 9 विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी की ‘क्लीन स्वीप’ (पूर्ण विजय) की आधिकारिक पुष्टि हुई, इलाके के उत्साहित लोगों और श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर उसके कपाट खोल दिए। स्थानीय लोगों ने इस घटनाक्रम को ‘धर्म की रक्षा’ और ‘अन्याय के अंत’ से जोड़ते हुए शंख बजाकर खुशियां मनाईं।

भयमुक्त वातावरण की उम्मीद
मंदिर खुलने के बाद पूरे बास्टिन बाजार इलाके में उत्सव जैसा माहौल है। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि राज्य में राजनीतिक बदलाव के साथ अब उन्हें उम्मीद है कि बिना किसी डर, दबाव या प्रशासनिक बाधा के वे अपनी धार्मिक परंपराओं का पालन कर सकेंगे।

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