व्यास विष्णुरूपाय व्यासरुपाय विष्णवे- राजेश्री महन्त , ग्राम बासीन में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में सम्मिलित हुए महामंडलेश्वर

जांजगीर चाम्पा। छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक राजेश्री महन्त रामसुन्दर दास जी महाराज ग्राम बासीन, जिला गरियाबंद में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह में सम्मिलित हुए। वे सबसे पहले श्री दूधाधारी मठ के बाड़ा में विराजित हनुमान जी महाराज के दर्शन पूजन के उपरांत कार्यक्रम स्थल पर कथा श्रवण करने हेतु उपस्थित हुए। उन्होंने व्यास पीठ की पूजा अर्चना की तथा व्यास पीठ पर विराजित पंडित श्री नवीन कृष्ण जी महाराज ने भी अभिवादन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर राजेश्री महन्त जी महाराज ने कहा कि – भगवान शंकर जी का परिवार विभिन्नताओं से परिपूर्ण है। एक ओर मयूर तो दूसरी ओर सर्प इसी तरह मूषक, नंदी और शेर यह सभी एक दूसरे के भक्ष्य हैं लेकिन भगवान शिव के दरबार में सामंजस्य बनाकर प्रेम पूर्वक रहते हैं। उन सभी की पूजा भी हम सभी सनातन धर्मावलंबी किया करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्यास को विष्णु का तथा विष्णु को ब्यास का स्वरूप माना गया है। इसलिए कहा गया है कि व्यास विष्णुरुपाए व्यासरुपाए विष्णवे।। इसके पूर्व व्यास पीठ पर विराजित आचार्य जी ने कहा कि- मेरा यह परम सौभाग्य है कि कथा स्थल पर परम पूज्य गुरुदेव जी भगवान हम सभी को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए उपस्थित हुए हैं, मैं आज व्यास पीठ पर बैठकर आप सभी को कथा सुना रहा हूं यह उनकी ही कृपा है। आयोजन समिति के द्वारा राजेश्री महन्त जी महाराज का अत्यंत ही आत्मियता पूर्वक स्वागत किया गया। इस अवसर पर राजेश्री महन्त जी महाराज के साथ रतन साहू, देवनाथ साहु, मीडिया प्रभारी निर्मल दास वैष्णव तथा ग्राम के पंच, सरपंच, आयोजन समिति के सभी पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।




