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खेती केवल रोजी-रोटी नहीं, हमारी संस्कृति और पहचान का आधार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

ड्रोन तकनीक, नैनो उर्वरक और जैविक खेती से किसानों को मिल रही नई दिशा

मुख्यमंत्री किसान संवाद कार्यक्रम में किसानों से रूबरू हुए मुख्यमंत्री

रायपुर, 3 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि खेती केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान का आधार है। राज्य सरकार आधुनिक तकनीक, नवाचार और किसान हितैषी योजनाओं के जरिए खेती को अधिक लाभकारी, टिकाऊ और सम्मानजनक बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

रायपुर में आयोजित ‘मुख्यमंत्री किसान संवाद’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए किसानों से आत्मीय चर्चा की। इस दौरान उन्होंने खेती-किसानी से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और किसानों के सवालों व सुझावों पर विस्तार से बातचीत की।

किसान परिवार से जुड़ाव का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आते हैं और कम उम्र से ही खेती-किसानी से जुड़े रहे हैं। यही वजह है कि किसानों की समस्याओं, जरूरतों और चुनौतियों को वे बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने कहा कि पहले खेती पूरी तरह बारिश पर निर्भर थी, लेकिन अब आधुनिक तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों से कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है।

किसानों के लिए कई योजनाएं संचालित

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण, उन्नत बीज, सिंचाई सुविधाएं और कृषि यंत्रीकरण जैसी योजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है।

ड्रोन तकनीक से खेती हो रही आधुनिक

कार्यक्रम में शामिल ड्रोन दीदियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रोन तकनीक कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का छिड़काव कम समय और कम लागत में किया जा सकता है। इससे खेती अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बन रही है। साथ ही महिलाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी तैयार हो रहे हैं।

नैनो उर्वरक और जैविक खेती पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और जैविक खेती भविष्य की जरूरत हैं। इनके उपयोग से खेती की लागत कम होती है, उत्पादन बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरता भी बनी रहती है। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने और प्राकृतिक व जैविक खेती को अपनाने की अपील की।

खाद-बीज की कमी नहीं, अफवाहों से बचें किसान

मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि आगामी खरीफ सीजन के लिए खाद और बीज की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार सख्त निगरानी कर रही है। किसानों को किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं देना चाहिए।

फसल विविधीकरण से बढ़ेगी आय

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से आए प्रगतिशील किसानों ने अमरूद, ड्रैगन फ्रूट, मौसंबी, पपीता और आम की उन्नत खेती के अपने अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल विविधीकरण किसानों की आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ बागवानी, जैविक खेती और अन्य नवाचारों को भी अपनाना चाहिए।

युवा खेती को बना रहे आधुनिक उद्यम

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का युवा खेती को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक उद्यम के रूप में देख रहा है। राज्य सरकार कृषि आधारित कौशल विकास, ड्रोन संचालन, कृषि मशीनरी, जैविक खेती और कृषि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम चला रही है।

नई तकनीक अपनाने का किया आह्वान

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने किसानों से नई तकनीकों और नवाचारों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन और बेहतर आमदनी हासिल कर सकते हैं। कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही किसानों की समृद्धि का आधार बनेंगे।

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