मोबाइल पर अचानक बजा ‘खतरे का सायरन’, छत्तीसगढ़ समेत देशभर में मची खलबली; जानें क्या था सरकार का यह ‘इमरजेंसी अलर्ट

रायपुर: शनिवार सुबह करीब 11:45 बजे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब करोड़ों मोबाइल फोन अचानक एक साथ तेज सायरन की आवाज के साथ बजने लगे। मोबाइल स्क्रीन पर हिंदी और अंग्रेजी में एक ‘इमरजेंसी अलर्ट’ फ्लैश हुआ, जिसे सिस्टम ने ऑटो-वॉइस के जरिए पढ़कर भी सुनाया। अचानक हुई इस घटना से एक बार के लिए लोग सहम गए, लेकिन जल्द ही यह साफ हो गया कि यह कोई वास्तविक खतरा नहीं, बल्कि सरकार द्वारा किया गया एक तकनीकी परीक्षण था।
NDMA और C-DOT का ‘SACHET’ परीक्षण
यह अलर्ट नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (NDMA) द्वारा आपातकालीन संचार प्रणाली को परखने के लिए भेजा गया था। इसे C-DOT द्वारा विकसित ‘SACHET’ प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। यह सिस्टम ‘कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल’ पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सामान्य SMS तकनीक से बिल्कुल अलग है; यह बिना नेटवर्क जाम किए एक साथ किसी भी विशेष क्षेत्र के सभी सक्रिय मोबाइल फोन पर तत्काल सूचना पहुंचाने की क्षमता रखता है।
19 भाषाओं में मिलेगी आपदा की सटीक सूचना
सरकार इस सिस्टम को इतना प्रभावी बना रही है कि भविष्य में किसी भी प्राकृतिक आपदा जैसे चक्रवात, बाढ़ या भारी बारिश की स्थिति में लोगों को उनकी स्थानीय भाषा में चेतावनी मिल सके। अब तक इस तकनीक के जरिए:
19 भारतीय भाषाओं में संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं।
लगभग 134 अरब से अधिक अलर्ट संदेशों का सफल परीक्षण या उपयोग किया जा चुका है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ‘सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम’ का उद्देश्य वास्तविक आपदा के समय कम से कम समय में अधिक से अधिक लोगों की जान बचाना और उन्हें सतर्क करना है। आज का यह देशव्यापी परीक्षण इसी सुरक्षा चक्र को मजबूत करने की एक महत्वपूर्ण कड़ी था।



