क्राइमजाँजगीर -चाँपा

गला दबाकर की गई थी जगदीश प्रजापति की हत्या, पामगढ़ पुलिस ने दो आरोपियों को दबोचा; मामूली विवाद बना मौत का कारण

प्रभारी एसपी निवेदिता पाल के निर्देशन में सुलझी गुत्थी, खरखोद गांव में सड़ी-गली लाश मिलने से फैली थी सनसनी

जांजगीर-चांपा। जिले के पामगढ़ थाना अंतर्गत ग्राम खरखोद में हुई हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने खुलासा किया है कि मृतक जगदीश प्रजापति की मौत सामान्य नहीं थी, बल्कि उसकी गला दबाकर हत्या की गई थी। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों देसाई कुम्हार और रामनारायण प्रजापति को गिरफ्तार कर लिया है।

शादी समारोह में उपजा था विवाद:
जानकारी के अनुसार, मृतक जगदीश प्रजापति अपनी पत्नी और डेढ़ साल के बच्चे के साथ 29 अप्रैल को एक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने खरखोद आया था। रात के समय अत्यधिक शराब के नशे में जगदीश अपनी पत्नी और बच्चे से विवाद करने लगा। इसी बीच विवाद इतना बढ़ा कि जगदीश घर से निकलकर गांव में ही कहीं और जाकर सो गया। अगले दिन से वह लापता था, जिसका शव 3 मई को एक घर के पीछे संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुआ।

पीएम रिपोर्ट से सुलझी मर्डर की गुत्थी:
शव मिलने के बाद मामला संदिग्ध लग रहा था क्योंकि शरीर गलना शुरू हो चुका था। मर्ग कायम कर जब शव का पोस्टमार्टम कराया गया, तो रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। इसके बाद पामगढ़ पुलिस ने तत्काल धारा 103 (1) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।

पुलिस की मुस्तैदी से पकड़े गए हत्यारे:
प्रभारी पुलिस अधीक्षक श्रीमती निवेदिता पाल के निर्देशन में एसडीओपी अकलतरा और पामगढ़ थाना प्रभारी की टीम ने संदिग्धों से पूछताछ शुरू की। इसी कड़ी में देसाई कुम्हार और रामनारायण प्रजापति को हिरासत में लिया गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने गला दबाकर और डंडे से मारपीट कर जगदीश को मौत के घाट उतार दिया था।

आरोपी न्यायिक रिमांड पर:
पामगढ़ पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आज, 05 मई को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक सावन सारथी, उप निरीक्षक कृष्ण कुमार साहू और उनकी टीम का विशेष योगदान रहा।

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